नीतीश कुमार दिल्ली जा रहे या पटना में ही टिके रहेंगे? सुबह 11 बजे तस्वीर साफ हो जाएगी
Bihar CM Nitish News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बनकर दिल्ली जाएंगे या पटना में ही सीएम पद पर टिके रहेंगे, यह बात गुरुवार की सुबह 11 बजे साफ होगी, जब बीजेपी, जेडीयू और रालोमो के राज्यसभा कैंडिडेट नामांकन करेंगे।
बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को होली के साथ-साथ सियासी पारा भी परवान पर पहुंच गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के कयासों के उभरते ही राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। खास तौर से दो दशक से बिहार की सत्ता में काबिज जनता दल यूनाइटेड के नेताओं में इस बात के तैरते ही उदासी छा गई। ज्यादातर नेता यह मानने को तैयार नहीं दिख रहे कि उनके नेता नीतीश कुमार बिहार की बागडोर छोड़कर दिल्ली जाने वाले हैं।
दरअसल सुबह करीब 11 बजे सबसे पहले जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। वे दो बार वहां से निकले और शाम तक उनके तीन बार नीतीश से मिलने पहुंचने के बाद चर्चा का बाजार गर्म हो गया। सियासी हलचल तेज हो चुकी है। बताया जाने लगा है कि नीतीश कुमार को राज्यसभा जाने के लिए पार्टी के नेताओं द्वारा मनाया जा रहा है। गुरुवार को नामांकन के अंतिम दिन उनके पर्चा भरने की तैयारी की जा रही है।
संजय झा के बाद एक-एक कर जेडीयू के कई बड़े नेता नीतीश से मिलने सीएम आवास पहुंचे। इस क्रम में मंत्री अशोक चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, एमएलसी संजय गांधी एक अणे मार्ग गए। गौर हो कि बिजेंद्र यादव नीतीश सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्री हैं और नीतीश कोई भी नीतिगत निर्णय लेने के पहले बिजेंद्र यादव से मशविरा करते रहे हैं। हालांकि सीएम से निकलने पर पत्रकारों से बातचीत में बिजेंद्र यादव ने कहा कि उन्हें नहीं पता नीतीश राज्यसभा जा रहे हैं या नहीं, वे तो होली पर सीएम से मिलने आए थे। बहरहाल नीतीश के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच जेडीयू में बैठकों का दौर जारी है। संजय झा से मिलने जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी पहुंचे थे।
नीतीश राज्यसभा जायेंगे या बिहार के सीएम का दायित्व ही अभी निभाते रहेंगे, यह गुरुवार की सुबह 11 बजे तक साफ हो जाएगा, जब एनडीए के प्रत्याशी नामांकन करने विधानसभा पहुंचेंगे। नीतीश राज्यसभा जाते हैं तो कम से कम 16 मार्च तक पद पर बने रह सकते हैं। राज्यसभा के पुराने सदस्यों का कार्यकाल 9 अप्रैल तक है। नए सदस्यों का कार्यकाल उसके बाद ही शुरू होगा। नीतीश उसके हिसाब से ही इस्तीफा देंगे। उनके इस्तीफे के बाद बिहार में भाजपा विधायक दल और फिर एनडीए विधायक दल का नया नेता चुना जाएगा। नए मुख्यमंत्री के साथ नये कैबिनेट का गठन होगा।




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