Nepal PM Balendera Shah govt orders reinvestigation of royal family massacre case suspense on killing of 9 persons नेपाल में शाही परिवार के नरसंहार की फाइल फिर खुलेगी, राजा-रानी समेत 9 की हत्या पर अभी भी सेस्पेंस, Bihar Hindi News - Hindustan
More

नेपाल में शाही परिवार के नरसंहार की फाइल फिर खुलेगी, राजा-रानी समेत 9 की हत्या पर अभी भी सेस्पेंस

पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरूंग ने एक जून 2001 को हुए नारायणहिटी राजदरबार हत्याकांड की उपलब्ध रिपोर्टों की समीक्षा कर आगे की जांच प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की।

Thu, 11 June 2026 02:31 PMSudhir Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share
नेपाल में शाही परिवार के नरसंहार की फाइल फिर खुलेगी, राजा-रानी समेत 9 की हत्या पर अभी भी सेस्पेंस

नेपाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत सुदन गुरूंग ने एक बार फिर गृहमंत्री के रूप में वापसी की है। शपथ ग्रहण के कुछ ही समय बाद उन्होंने वर्ष 2001 के चर्चित नारायणहिटी राजदरबार हत्याकांड की पुन: जांच कराने की घोषणा कर राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। सुधन गुरुंग ने शपथ लेने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 2001 के दरबार हत्याकांड के बाद तैयार जांच रिपोर्ट का अध्ययन किया जाएगा और इसके बाद मामले की दोबारा जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले की पहले हुई जांच की रिपोर्ट को लेकर 25 वर्ष बाद भी देश की जनता के मन में संशय है। इस कारण हत्याकांड की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। काठमांडू स्थित नारायणहिती राजदरबार के त्रिभुवन सदन में 1 जून 2001 को यह हत्याकांड हुआ था।

क्या है नारायणहिटी राजदरबार हत्याकांड?

नेपाल के इतिहास की सबसे रहस्यमयी घटना नारायणहिटी राजदरबार हत्याकांड एक जून 2001 की रात काठमांडू स्थित त्रिभुवन सदन में भयानक हत्याकांड हुआ था। शाम साढ़े सात बजे शुरू हुए शाही पारिवारिक कार्यक्रम में रात करीब नौ बजे अचानक गोलीबारी शुरू हो गई थी। गोलीकांड में तत्कालीन राजा वीरेन्द्र वीर विक्रम शाह देव, रानी ऐश्वर्या, युवराज दीपेन्द्र, राजकुमार निराजन, राजकुमारी श्रुति, शान्ति, शारदा, जयन्ती, राजकुमार धीरेन्द्र और कुमार खड्ग विक्रम शाह समेत कुल 9 लोगों की मौत हो गई थी। आधिकारिक जांच में तत्कालीन युवराज दीपेन्द्र को गोलीबारी के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। कहा गया कि राजकुमार ने माता, पिता, बहन समेत 8 को गोली मारने के बाद खुद को भी उड़ा लिया। लेकिन इस निष्कर्ष को लेकर वर्षों से विवाद और सवाल उठते रहे हैं। इसके बाद तत्कालीन राजा ज्ञानेन्द्र शाह ने मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय आयोग का गठन किया था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:भारत के आम रोककर नेपाल ने किया बड़ा कांड, पूरे बाजार में हड़कंप; महंगाई का खतरा

दोबारा गृहमंत्री बने हैं गुरूंग

सुदन गुरूंग ने मंगलवार को प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद विस्तार के बाद राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल के समक्ष पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। गौरतलब है कि इससे पहले भी गृहमंत्री रह चुके हैं, लेकिन संपत्ति एवं आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े आरोपों के कारण उन्हें पद छोड़ना पड़ा था। सरकार द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में उन्हें आरोपों से मुक्त बताया, जिसके बाद मंत्रिपरिषद ने रिपोर्ट स्वीकार करते हुए उन्हें पुन: गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद गुरूंग ने एक जून 2001 को हुए नारायणहिटी राजदरबार हत्याकांड की उपलब्ध रिपोर्टों की समीक्षा कर आगे की जांच प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पूर्व में गठित आयोगों और समितियों की रिपोर्टों का अध्ययन किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर नए तथ्यों की तलाश के लिए अतिरिक्त जांच कराई जाएगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:जल्दी ठिकाने आ गई नेपाल की अक्ल, भारत के साथ सीमा विवाद पर बदले सुर

फिर बढ़ेगी सरगर्मी

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार इस मामले में आगे बढ़ती है तो नेपाल की राजनीति में एक बार फिर इस ऐतिहासिक और संवेदनशील घटना को लेकर व्यापक बहस शुरू हो सकती है। नेपाल के गृह मंत्री के इस कदम पर सीमावर्ती भारतीय क्षेत्र के लोगों की निगाह भी टिकी हुई है क्योंकि भारतीय क्षेत्र के लोग भी उस राज दरबार हत्याकांड की यादों को अभी तक दिल से नहीं भूल पाए हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:'भारतीय आमों' पर कोई बैन नहीं…तो क्या हैं ये नए नियम? जो नेपाल ने चुपचाप लगा दिए

( फारबिसगंज से अमरेन्द्र कुमार कुमार की एक्सक्लुसिव रिपोर्ट)

लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।