नेपाल बॉर्डर पर अफरातफरी, लंबा ट्रैफिक जाम; भारतीय नागरिकों के लिए आफत बना यह नियम
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जोगबनी बॉर्डर पर शनिवार को अफरातफरी की स्थिति देखने को मिली। भारत से नेपाल जाने वाले लोगों की लंबी कतार लग गई। ट्रैफिक जाम की भी स्थिति रही।

पड़ोसी देश नेपाल की सरकार द्वारा भारतीय नागरिकों के खिलाफ की जा रही सख्ती से सीमा पर आफत बढ़ती जा रही है। नेपाल सरकार के आदेश पर स्थानीय प्रशासन ने भारत से नेपाल में प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम के लागू होने के बाद शनिवार को अररिया जिले के जोगबनी स्थित भारत-नेपाल सीमा पर दिन भर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पहचान पत्र जांच के कारण सीमा पर वाहनों एवं यात्रियों की लंबी कतार लग गई। इससे पहले कोरोना काल में पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य किया गया था। यही नहीं, नेपाल से भारत में प्रवेश करने वालों को भी अपना परिचय पत्र दिखाना होगा।
नेपाल में मोरंग के प्रमुख जिलाधिकारी युवराज कटेंल, मोरंग एसपी कवित कटुवाल के नेतृत्व में दिन भर इसकी मॉनिटरिंग होती रही। इधर शनिवार की सुबह कोलकाता से आने वाली ट्रेन के जोगबनी स्टेशन पहुंचते ही बड़ी संख्या में यात्री नेपाल जाने के लिए सीमा पर पहुंच गए। इसी दौरान नेपाल पुलिस द्वारा सभी नागरिकों की सघन पहचान पत्र जांच शुरू कर दी गई। जांच प्रक्रिया धीमी होने के कारण सीमा पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
सीमा पर तैनात नेपाल पुलिस के जवान पहचान पत्र देखने के बाद ही लोगों को नेपाल में प्रवेश करने दे रहे थे। वहीं जिन लोगों के पास कोई वैध पहचान पत्र नहीं था, उन्हें वापस लौटा दिया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के उच्च अधिकारी भी सीमा पर मौजूद रहकर जांच अभियान की मॉनिटरिंग करते दिखे।
अचानक लागू हुआ नियम
नेपाल पुलिस के जवानों ने बताया कि सरकार से मिले निर्देश के बाद शनिवार से सीमा पर सख्ती बढ़ा दी गई है और सभी भारतीय नागरिकों की पहचान पत्र जांच अनिवार्य कर दी गई है। अचानक लागू हुई इस व्यवस्था से दैनिक यात्रियों, व्यवसायियों एवं नेपाल जाने वाले आम लोगों के बीच परेशानी देखी गई। मोरंग के प्रमुख जिलाधिकारी युवराज कटेल ने पुष्टि करते हुए कहा है सीमा पर आवाजाही करने वालों को अनिवार्य रूप से परिचय पत्र दिखाना है।
(जोगबनी से बरुण मिश्रा की रिपोर्ट)




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