100 में 257 अंक के बाद एडमिशन मेरिट लिस्ट में झोल, बिहार यूनिवर्सिटी में ये क्या चल रहा है
कॉलेज के प्राचार्य इस बात को लेकर हलकान रहे कि कॉलेज में जो विषय है ही नहीं तो विद्यार्थी नामांकन के लिए क्यों पहुंच रहे हैं।

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के जिस कॉलेज में जो विषय है ही नहीं, उसमें भी नामांकन को लेकर छात्र-छात्राओं की मेरिट लिस्ट जारी कर दी गई है। स्नातक में नामांकन के पहले दिन विभिन्न कॉलेजों में इस तरह की गड़बड़ी उजागर हुई। कॉलेज के प्राचार्य इस बात को लेकर हलकान रहे कि हमारे यहां यह विषय है ही नहीं और विद्यार्थी नामांकन के लिए पहुंच रहे हैं। इससे पहले 100 अंकों की परीक्षा में 257 अंक दिए जाने का मामला गर्म है।
मेरिट लिस्ट में सीट से कम संख्या में नामांकन के लिए छात्र आवंटित किये जाने का मामला भी सामने आया है। स्नातक में नामांकन के पहले दिन कुछ कॉलेजों में तो छात्र पहुंचे, लेकिन अधिकांश में एक भी छात्र नहीं आए। कई कॉलेजों में केवल जानकारी लेने के लिए छात्र-छात्राएं पहुंचते रहे। उर्दू समेत अन्य विषयों में जहां सीट नहीं, वहां पहली मेरिट लिस्ट में छात्र-छात्राओं के नामांकन की सूची जारी की गई है।
उर्दू में सीट नहीं, एडमिशन के लिए आ रहे विद्यार्थी
आरपीएस कॉलेज महनार में उर्दू विषय नहीं है, लेकिन विद्यार्थियों का नाम वहां नामांकन के लिए दे दिया गया है। छात्र-छात्राओं के पहुंचने पर कॉलेज प्रशासन ने इसकी सूचना विवि प्रशासन को दी। इसी तरह श्यामनंदन सहाय कॉलेज में सीट की कम संख्या को लेकर शिकायत की गई है। सीट का आवंटन कम हुआ है।
कुछ नहीं बोल रहे कुलपति
इस मामले में डीएसडब्लयू आलोक प्रताप सिंह ने कहा कि कुछ कॉलेज से इस तरह की शिकायत मिली है। इसमें सुधार किया जाएगा। हालांकि कोई यह नहीं बता रहा कि ये गड़बड़ियां कैसे हो रही हैं। कुलपति डॉ दिनेश चंद्र राय इन मामलों में कुछ बोलने से परहेज कर रहे हैं।
नहीं मिली पहले दिन के नामांकन की रिपोर्ट
पहले दिन किस कॉलेज में कितना नामांकन हुआ, इसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। किसी भी कॉलेज से पोर्टल पर इसे अपलोड नहीं किया गया है। डीएसडब्ल्यू ने कहा कि रविवार को बंद है और सोमवार को छुट्टी है। ऐसे में मंगलवार से नामांकन की गति पकड़ेगी।
1.27 लाख सीटों पर दाखिले को पहली सूची हुई जारी
स्नातक की 1.27 लाख सीटों के लिए पहली मेरिट लिस्ट जारी की गई है। नामांकन 12 जुलाई तक होना है। कक्षाएं 15 जुलाई से शुरू होंगी। ऑनलाइन दस्तावेजों की जांच अनिवार्य है। कॉलेज राजभवन द्वारा अधिसूचित शुल्क ही ले सकते हैं। नामांकन के बाद कॉलेज रिपोर्ट अपडेट करेंगे। इस आधार पर दूसरी सूची जारी की जाएगी।
कई कॉलेजों में आधा दर्जन विषयों में कटऑफ अधिक
कई कॉलेजों में आधा दर्जन से अधिक विषयों में कटऑफ काफी ज्यादा है। एलएस कॉलेज में जूलाजी का कटऑफ 48.4 प्रतिशत, एमडीडीएम कॉलेज में 48 प्रतिशत और आरडीएस में 53 प्रतिशत है। मनोविज्ञान, गणित, इतिहास, हिंदी और भौतिकी का भी कटऑफ अधिक रहा है। कम आवेदन वाले विषयों में कटऑफ कम है।




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