नीलम देवी नहीं लड़ेंगी मोकामा! अनंत सिंह ने जेल से निकलते ही किया खुद लड़ने का ऐलान
बाहुबली अनंत सिंह के प्रभाव क्षेत्र वाली मोकामा विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक नीलम देवी के इस बार चुनाव लड़ने की संभावना कम है। उनके पति अनंत सिंह ने जेल से बाहर आते ही इस सीट से खुद के लड़ने का ऐलान कर दिया।

बिहार के चर्चित बाहुबली नेता अनंत कुमार सिंह बुधवार को पटना के बेऊर जेल से रिहा हो गए। जेल से निकलते ही उन्होंने मोकामा से विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि वह जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के टिकट पर लड़ेंगे। इस सीट से अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी अभी विधायक हैं। ऐसे में संभावना है कि वे दोबारा मैदान में नहीं उतरेंगी और आगामी विधानसभा चुनाव में अपने पति के लिए प्रचार करती हुईं नजर आएंगी।
सोनू-मोनू गैंग के साथ फायरिंग केस में जमानत पर रिहा हुए अनंत सिंह को पत्रकारों ने आगामी बिहार चुनाव को लेकर सवाल पूछा। इस पर पूर्व विधायक ने अपने अंदाज में कहा, "चुनाव है, तो चुनाव लड़ेंगे।" उन्होंने आगे बताया कि वह जेडीयू के टिकट पर मोकामा से चुनाव लड़ेंगे। अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क, बिजली, पानी के सभी काम कराए हैं। तेजस्वी यादव के योजनाओं की नकल करने के आरोप पर कहा कि विपक्ष वाले हैं तो विरोध करेंगे ही।
बता दें कि पटना हाई कोर्ट ने चर्चित पंचमहला फायरिंग केस में पूर्व विधायक अनंत सिंह को सोमवार को जमानत दी थी। इसी साल 22 जनवरी को गैंगस्टर सोनू-मोनू के नौरंगा गांव स्थित घर पर अनंत सिंह के गैंग की भिड़ंत्त हो गई थी। दोनों पक्षों के बीच लगभग 70 राउंड गोलीबारी हुई थी।
इस मामले में अनंत सिंह के खिलाफ दो केस दर्ज किए गए थे। इसके बाद पूर्व विधायक ने कोर्ट में सरेंडर किया था और फिर उन्हें जेल भेजा गया था। फायरिंग केस में एक मामले में उन्हें पहले ही जमानत मिल गई और अब दूसरे केस में बेल मिलने पर वे जेल से रिहा हुए।
विधायकी जाने पर नीलम देवी बनी थीं MLA
बाहुबली नेता अनंत सिंह को जून 2022 में पटना की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने एके-47 मामले में 10 साल जेल की सजा सुनाई थी। उस वक्त अनंत सिंह मोकामा से विधायक थे। सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। इसके कुछ महीनों बाद उनकी पत्नी नीलम देवी ने लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी के टिकट पर उपचुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
साल 2024 में राज्य में सत्ता परिवर्तन होने के बाद नीलम देवी बागी हो गईं और उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को समर्थन दिया था। वहीं, अनंत सिंह को पिछले साल पटना हाई कोर्ट ने सबूतों के अभाव में एके-47 केस से बरी कर दिया था। ऐसे में अब उनके चुनाव लड़ने का रास्ता भी साफ हो गया।




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