बिहार की चमक से नासा हो गया हैरान, अंतरिक्ष से हीरे जैसा जगमगा रहा बिहार; रिपोर्ट चौंकाएगी
नासा की रिपोर्ट के अनुसार, कभी 'लालटेन युग' में रहा बिहार अब अंतरिक्ष से रात में हीरे की तरह चमक रहा है। 2014 से 2022 के बीच यहाँ रात की रोशनी 3.5 गुना बढ़ी है। 8700 मेगावाट बिजली खपत के साथ बिहार अब 'पावर सरप्लस' राज्य बन चुका है, जिसकी 'हर घर बिजली' योजना आज पूरे देश के लिए मॉडल है।

Bihar News: कभी शाम होते ही अंधेरे में डूब जाने वाला बिहार आज रात के समय आसमान से किसी चमकते हुए हीरे की तरह नजर आ रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों के जरिए यह बताया है कि पिछले कुछ सालों में बिहार ने बिजली के मामले में इतनी तरक्की की है कि वह अब देश के सबसे जगमगाते राज्यों में से एक बन गया है। पहले जहाँ गांवों में लोग लालटेन के भरोसे रात काटते थे, वहीं अब घर-घर बिजली पहुँचने से पूरा राज्य रोशनी से नहाया हुआ है। नासा की रिपोर्ट साफ कहती है कि बिहार अब अंधेरे वाला इलाका नहीं रहा, बल्कि रात की रोशनी के मामले में इसने पूरे देश को पीछे छोड़ दिया है।
3.5 गुना बढ़ गई रात की रोशनी
नासा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कुछ तस्वीरें और आंकड़े साझा किए हैं। इनसे पता चलता है कि 2014 से 2022 के बीच बिहार में रात के समय रोशनी की चमक 3.5 गुना बढ़ गई है। बिहार में बिजली की यह चमक राष्ट्रीय औसत (47.4%) से कहीं ज्यादा है। इसका मतलब है कि पूरा देश जितनी तेजी से चमक रहा है, बिहार उससे कहीं ज्यादा रफ्तार से अंधेरे को दूर भगा रहा है।
आंकड़ों में देखिए बिहार का बदलाव
बिहार की इस कामयाबी को इन आसान आंकड़ों से समझा जा सकता है:
खपत बढ़ी: 2011 में एक व्यक्ति साल भर में जितनी बिजली इस्तेमाल करता था, अब वह करीब तीन गुना बढ़ गई है। साल 2005 में पूरे बिहार में जितनी बिजली की खपत (700 मेगावाट) थी, आज वह बढ़कर 8700 मेगावाट से भी ऊपर पहुँच गई है।
कमी से सरप्लस तक: पहले बिहार में बिजली की भारी कमी रहती थी, लेकिन अब बिहार के पास अपनी जरूरत से 17.6 करोड़ यूनिट ज्यादा बिजली है।
देश के लिए 'मॉडल' बना बिहार
बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हर गांव और हर टोले तक बिजली पहुँचाई गई है। बिहार की यह योजना इतनी सफल रही कि इसे पूरे देश ने अपनाया है। आज बांका, जमुई और जहानाबाद जैसे पिछड़े इलाके भी रात में चमक रहे हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि अब गांवों में रात को भी छोटे कारखाने चल रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई पर अंधेरे का डर खत्म हो गया है।” बता दें कि बिहार का रोशन होना पिछले 10-15 सालों में भारत की सबसे हैरान करने वाली उपलब्धि है।




साइन इन