गुड न्यूज! बेतिया में बिहार के सबसे लंबे पुल का रास्ता साफ, यूपी जाना होगा आसान
चूंकि गोरखपुर-सिलीगुड़ी सड़क में गंडक नदी पर एक छह लेन का पुल इसके आठ किलोमीटर की दूरी पर बनना है। इसलिए इस पुल को दो लेन का बनाने की मंजूरी दी। इसकी कुल लंबाई 12.036 और सड़क सहित 29 किलोमीटर है। इसमें छोटे-छोटे 15 पुलों का भी निर्माण होगा।

बिहार के सबसे बड़े पुल के बनने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने बेतिया से गोरखपुर को जोड़ने वाली सड़क सह पुल की वित्तीय मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही इसके टेंडर का रास्ता साफ हो गया है। गंडक नदी पर पुल सह सड़क निर्माण होने से बिहार से उत्तरप्रदेश आना-जाना और आसान हो जाएगा। लोग कम समय में आ-जा सकेंगे। अब अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष भेजा जाएगा।
यह पुल बिहार में बेतिया के मनुआपुल को यूपी के कुशीनगर में तिवारीपट्टी सेवराही को जोड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार बीते दिनों केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन आर्थिक कार्य विभाग के सचिव की अध्यक्षता में गठित पीपीपीएसी (पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप एप्रेजल कमेटी) की बैठक हुई। कमेटी ने एनएच 727एए पर बनने वाले दो लेन पुल सह सड़क की मंजूरी दी।
चूंकि गोरखपुर-सिलीगुड़ी सड़क में गंडक नदी पर एक छह लेन का पुल इसके आठ किलोमीटर की दूरी पर बनना है। इसलिए इस पुल को दो लेन का बनाने की मंजूरी दी। इसकी कुल लंबाई 12.036 और सड़क सहित 29 किलोमीटर है। इसमें छोटे-छोटे 15 पुलों का भी निर्माण होगा।




साइन इन