Major vigilance action Assistant director arrested taking 5 lakh rupees bribe deal for 10 lakh पटना में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 5 लाख घूस लेते सहायक निदेशक गिरफ्तार; 10 लाख की डील थी, Bihar Hindi News - Hindustan
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पटना में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 5 लाख घूस लेते सहायक निदेशक गिरफ्तार; 10 लाख की डील थी

विजिलेंस ब्यूरो की ट्रैप टीम ने सहायक निदेशक परमजय सिंह को उस वक्त रंगे हाथों गिरफ्तार किया जब वे नियोजन भवन परिसर में अपनी कार के भीतर रिश्वत के रूप में इतनी बड़ी रकम ले रहे थे। हालांकि, गिरफ्तार पदाधिकारी ने इसे साजिश करार दिया है।

Fri, 6 Feb 2026 04:13 PMSudhir Kumar लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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पटना में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 5 लाख घूस लेते सहायक निदेशक गिरफ्तार; 10 लाख की डील थी

बिहार में एक बड़े पदाधिकारी को निगरानी की टीम में घूस का बड़ा अमाउंट लेते गिरफ्तार कर दिया। युवा एवं कौशल विकास विभाग के सहायक निदेशक परमजय सिंह को पांच लाख की रकम लेते रंगे हाथ दबोचा गया। विजिलेंस ब्यूरो की ट्रैप टीम ने सहायक निदेशक परमजय सिंह को उस वक्त रंगे हाथों गिरफ्तार किया जब वे नियोजन भवन परिसर में अपनी कार के भीतर रिश्वत के रूप में इतनी बड़ी रकम ले रहे थे। हालांकि, गिरफ्तार पदाधिकारी ने इसे साजिश करार दिया है। निगरानी डीएसपी ने घूस लेने की पुष्टि की है। इस कार्रवाई से

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के डीएसपी पवन कुमार ने पूरी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्यूरो को गुप्त सूचना मिली थी कि नियोजन भवन की पार्किंग में रिश्वत का बड़ा लेन-देन होने वाला है। सहायक निदेशक जय सिंह ने एक विभागीय काम के लिए 10 लाख की घूस की रकम की मांग की है। पहली किश्त के तौर 5 लाख रुपए वे लेने वाले हैं। सूचना पर ब्यूरो ने टीम गठित कर जाल बिछाया। पहले से टीम के सदस्यों को सेट कर दिया गया। परमजय सिंह पार्किंग में खड़ी कार में बैठे थे। जैसे ही उन्होंने रिश्वत के पांच लाख रुपए अपने हाथ में लिया कि निगरानी की टीम ने उन्हें रकम के साथ दबोच लिया।

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डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कार्यालय के उपनिदेशक ओम प्रकाश ने घूस मांगने का आरोप लगाया था। विभागीय खरीद व खर्च के लिए आवंटित एक करोड़ 70 लाख राशि के एवज में दस लाख रिश्वत की मांग की गयी थी। ओम प्रकाश के आरोप के मुताबिक आरोपी ने कहा कि सभी विभागों से वसूल करके दस लाख पहुंचा दो। दो किश्तों में दस लाख देने की डील हुई थी। पहली किश्त लेते ही सहायक निदेशक पकड़े गए। टीम उन्हें अपने साथ ले गई। शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

आरोपी ने कहा कि यह उनके खिलाफ साजिश है। उन्हें फंसाने वाले अधिकारी खुद सबसे भ्रष्ट अफसर हैं। 11 सालों की सेवा में उनके खिलाफ पांच पैसे मांगने का आरोप कभी नहीं लगा। बताया जा रहा है कि उपनिदेशक ओम प्रकाश की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

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