बिहार में अफसर विधानसभा को भेज रहे गलत रिपोर्ट? पक्ष-विपक्ष बोला- जांच करे सरकार
बिहार विधानसभा में विधायकों के सवालों पर सरकारी जवाब में पदाधिकारियों की गलत रिपोर्ट पर शुक्रवार को बवाल हुआ। विपक्ष तो विपक्ष, सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी अफसरों द्वारा गलत रिपोर्ट भेजने की जांच कराने की मांग कर दी।

बिहार विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने विधायकों के सवाल के सरकारी जवाब में पदाधिकारियों के द्वारा गलत रिपोर्ट भेजने का प्रश्न उठाया और इसकी जांच की मांग की है। सरकार की तरफ से वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव, सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार और अन्य नेताओं ने गलत रिपोर् की जांच की मांग पर सकारात्मक आश्वासन दिया। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय सदन में मौजूद नहीं थे, तो उनकी जगह पर स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े सवालों का जवाब सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार दे रहे थे। अफसरों की गलत रिपोर्टिंग पर सवाल उठाने वालों में जेडीयू के विधायक भी शामिल थे।
एआईएमआईएम के विधायक अख्तरुल ईमान ने विधानसभा में सबसे पहले इस तरह की शिकायत की और कहा कि सदन को चलाने पर जनता का लाखों रुपया खर्च हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर विधायक कहे कि ऐसा नहीं हुआ है और पदाधिकारी कहें कि हुआ है, तो दोनों में कोई एक ही सच्चा होगा। उन्होंने कहा कि कोई ऐसी समिति बनाना चाहिए, जिससे दूध का दूध, पानी का पानी हो जाए। उन्होंने बिजली विभाग को लेकर अपने सवाल पर आए जवाब के तथ्यों को चुनौती देते हुए कहा कि गांव में अभी भी तार लटक रहे हैं।
उनके बाद जेडीयू की विधायक मीना कुमारी ने अपने इलाके के किसानों को बिजली कनेक्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर मिले जवाब में फैक्ट की गड़बड़ी बताई। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी ने गलत जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वो क्षेत्र से इस पर सर्वे करवाकर आई हैं। मीना ने बताया कि 190 किसानों से कनेक्शन का पैसा लिया जा चुका है, लेकिन अभी तक पोल और तार नहीं लगा है। उन्होंने बताया कि जवाब में बताया गया है कि मात्र 40 किसानों का कनेक्शन बचा हुआ है। मीना ने गलत रिपोर्ट देने की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है।
एआईएमआईएम के विधायक मुर्शिद आलम ने अपने क्षेत्र के सरकारी अस्पताल को लेकर सवाल पूछा था, जिसके जवाब में आई जानकारी को उन्होंने गलत बताया। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक भाई वीरेंद्र ने पर्यटन विभाग से जुड़े अपने सवाल के जवाब में अफसरों की रिपोर्ट को गलत बताया। उन्होंने कहा कि जहां गांव बसा हुआ है, वहां अफसर रिपोर्ट भेज रहे हैं कि कोई ग्रामीण नहीं हैं। उन्होंने भी गलत रिपोर्ट को लेकर आपत्ति जताई।




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