मैथिली ठाकुर मंच पर लौटीं, विधायक बनने के बाद पहली बार गोवा के मठ में भजन गाया
बिहार विधानसभा की सबसे युवा सदस्य मैथिली ठाकुर ने गोवा के मठ में कर्णप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी। इस आयोजन में मैथिली ठाकुर के दोनों छोटे भाई ऋषभ ठाकुर और अयाची ठाकुर भी मंच पर मौजूद रहे। विधायक बनने के बाद वे पहली बार मंच पर दिखीं।

Maithili Thakur Bhajan: मिथिला की बेटी और प्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर बिहार विधानसभा की सबसे युवा सदस्य बन गईं। भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) ने चुनाव 2025 में अलीनगर सीट पर टिकट देकर उन्हें उतारा और शानदार जीत का तोहफा मैथिली ने पार्टी की झोली में डाल दी। चुनाव से सरकार गठन और विधानसभा सत्र में व्यस्तता के कारण मैथिली संगीत की दुनिया से दूर रहीं। चुनाव बाद वे फिर से कला के मंच पर लौटीं और गोवा के एक मठ के महोत्सव में कर्णप्रिय भजनों की प्रस्तुति देकर वाहवाही बटोरीं। इस आयोजन में मैथिली ठाकुर के दोनों छोटे भाई ऋषभ ठाकुर और अयाची ठाकुर भी मंच पर दिखे। आयोजन में बेहतरीन गायन के लिए मैथिली ठाकुर को सम्मनित किया गया।
सोशल मीडिया पर मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति का वीडियो वायरल हो रहा है जिसकी जमकर तारीफ की जा रही है। Shree Samsthan Gokarn Partagali Jeevottam Math, Goa की ओर से श्रद्धा पंच आस्था महोत्सव के अवसर पर भजन संध्या का आयोजन किया गया जिसमें मैथिली ठाकुर के भजनों पर श्रद्धालु और श्रोता झूम उठे। संस्था की ओर से सोशल मीडिया फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इसका वीडियो शेयर किया गया जिसपर काफी कमेंट्स आ रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है- ओह! इतना बढिया कार्यक्रम। मजा आ गया। पूरे दो घंटे एक ही मुख्य गाने वाली। प्रत्यक्ष रूप से भाग लेने वालों ने पूरा आनंद ले लिया। धन्यवाद मैथिली जी और आपकी पूरे टीम को।
भजन संध्या में मैथिली ठाकुर में मिथिला की संस्कृति खासकर भगवान राम और माता सीता के विवाह के प्रकरण को खूबसूरती से जीवंत किया जिसे सुनकर लोग आनंदविभोर होकर नाचने लगे। मंच पर बैठे मठ के संत भी मुग्ध होकर मैथिली ठाकुर को सुन रहे थे। मैथिली ठाकुर के भजनों से आस्था और आध्यात्म की धारा बह चली।

मैथिली ठाकुर एक भारतीय राजनीतिज्ञ और सिंगर हैं, जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत और लोक संगीत का प्रशिक्षण लिया है। उन्होंने हिंदी , मराठी , भोजपुरी , अवधी , मगही और अन्य भाषाओं में मूल गीत, कवर और पारंपरिक लोक संगीत गाए हैं। 2025 में, उन्होंने 25 साल की उम्र में राजनीति में प्रवेश किया और भारतीय जनता पार्टी की सुषमा स्वराज के बाद भारत की दूसरी सबसे कम उम्र की विधायक बनीं जो जो 1977 में 25 साल की उम्र मेंहरियाणा से विधान सभा का सदस्य चुना गया था। मैथिली ठाकुर को भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप में अलीनगर से 2025 बिहार चुनाव जीतने के बाद बिहार विधान सभा के सदस्य के रूप में चुना गया।




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