LPG Crisis 5 to 6 hour queues furnaces burning call this number to complain about black marketing and hoarding LPG Crisis: 5-6 घंटे की लाइन, सुलगने लगीं भट्ठियां; इस नंबर पर करें कालाबाजारी व जमाखोरी की कंप्लेन, Bihar Hindi News - Hindustan
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LPG Crisis: 5-6 घंटे की लाइन, सुलगने लगीं भट्ठियां; इस नंबर पर करें कालाबाजारी व जमाखोरी की कंप्लेन

 Bihar LPG Crisis: बिहार के लगभग सभी जिलों में गैस को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। पांच से छह घंटों तक लाइन लगाने के बाद एक सिलेंडर गैस मिलता है।

Sat, 14 March 2026 11:59 AMSudhir Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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LPG Crisis: 5-6 घंटे की लाइन, सुलगने लगीं भट्ठियां; इस नंबर पर करें कालाबाजारी व जमाखोरी की कंप्लेन

Bihar LPG Crisis: ईरान युद्ध के बाद से उपजी गैस कि किल्लत की मार सीधे किचेन पर पड़ने लगी है। अधिकांश जिलों में एक सिलेंडर गैस के लिए 5 से 6 घंटे तक लाइन में लगना पड़ता है। गैस के आभाव में मेस और कैंटिन में चूल्हे और भट्ठी का दौर शुरू हो रहा है। गैस की किल्लत पर सियासत भी जारी है। बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने दावा किया है कि गैस की कोई कमी नहीं है तो दूसरी ओर गैस की कमी और मूल्य वृद्धि के खिलाफ एपवा की महिलाओं ने शुक्रवार को पटना में जोरदार प्रदर्शन किया। गैस की कालाबाजारी या जमाखोरी की शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्प लाइन नंबर जारी कर दिया गया है। कहा गया है कि 0612-2219810 पर लोग अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

बिहार में गैस की किल्लत से आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ने लगी है। ऑनलाइन नंबर नहीं लगने से लोग सिलेंडर के लिए गैस एजेंसियों और उनके गोदामों पर पहुंचने लगे हैं। सुबह से ही लंबी-लंबी लाइनें लगनी शुरू हो जा रही है। आलम यह है कि पांच से छह घंटे लाइन में लगने के बाद गैस मिल रही है। उधर, गैस का ऑनलाइन नंबर लगाने में हो रही परेशानी को देखते हुए वितरकों के यहां अब ऑफ लाइन नंबर लगाया जा रहा है। शुक्रवार सुबह गर्दनीबाग स्थित सत्या गैस एजेंसी में गैस का नंबर लगाने वाले उपभोक्ताओं की लंबी कतार देखने को मिली। इसी तरह गायघाट स्थित ज्योति कलश गैस एजेंसी में भी बीते दो दिनों से उपभोक्ताओं के नंबर ऑफलाइन लगाया जा रहा है। गैस एजेंसी से जुड़े डॉ. आरएन सिन्हा ने बताया कि गैस उपभोक्ताओं द्वारा ऑनलाइन नंबर नहीं लगने की शिकायत और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए ऑफलाइन नंबर लगाया जा रहा है। अब तेल कंपनी के पोर्टल पर डीलर की तरफ से उपभोक्ताओं का नंबर लगाया जाएगा। डिलीवरी के समय डीएससी कोड लेकर ही उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की जाएगी। छोटे गैस सिलेंडर में गैस नहीं भरे जाने और बड़े सिलेंडर की किल्लत से शहर में फूड वेंडरों की दुकानें तेजी से बंद हो रही हैं।

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पटना के कंकड़बाग कांटी फैक्ट्री रोड में ‘सिंह फ्राइड चिकेन’ की यूनिट तीन दिन बाद शुक्रवार को फिर से खुल गई। यहां ग्राहकों को बिरयानी, तंदूर, चाइनीज आदि पकवान एलपीजी गैस पर नहीं बल्कि कोयले के चूल्हे पर तैयार कर परोसा जा रहा है। पटना में इस तरह की सैकड़ों छोटी-बड़ी दुकानें हैं जो एलपीजी के विकल्प के रूप में कोयला, लकड़ी आदि का उपयोग करने लगे हैं। पटना के कारोबारी एलपीजी के अभाव में फिर से वैकल्पिक ईंधन को अपनाने लगे हैं।

ड्रम और बड़े कनश्तर से बन रहे चूल्हे

मिट्टी और लोहे के चूल्हों और भट्ठी बनाने के लिए ड्रम और बड़े कनश्तर का उपयोग किया जा रहा है। कंकड़बाग पीसी कॉलोनी से कोयले की भट्ठी बनवाने वाले पनीर और घी करोबारी राजीव सिंह ने बताया कि उन्होंने लोहे की भट्ठी के लिए 33 सौ रुपये चुकाया है। वहीं, एक अन्य कारोबारी सुमन यादव बताते हैं कि लोहे की भट्ठी की कीमत ड्रम की मोटाई के अनुसार तय की जा रही है। यह दो हजार रुपये से 45 सौ-पांच हजार के बीच है। उन्होंने बताया कि लोहे के चूल्हे और भट्ठी की इतनी मांग है कि लोहे का ड्रम और बाल्टी साइज का लोहे का कनश्तर बाजार से गायब हो गया है। अब वेल्डिंग कारीगर चूल्हा बनाने का आर्डर देने वालों को खुद से लोहे का ड्रम लेकर लाने की शर्त रख रहे है।बाजार में लोहे का ड्रम और कनश्तर की कमी हो गई है।

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लकड़ी के कोयला की मांग भी बढ़ी

पटना जीपीओ गोलंबर के नजदीक लकड़ी कोयला और पत्थर कोयला के थोक कारोबारी ‘खान लकड़ी कोयला डिपो’ के तमन्ना खान बताते हैं कि बीते एक सप्ताह में लकड़ी का कोयला और पत्थर के कोयले की मांग में लगभग 300 प्रतिशत की तेजी आ गई है। एक सप्ताह में लगभग 16 टन पत्थर और लकड़ी कोयले की बिक्री हो चुकी है। वे बताते हैं कि उनके यहां से पटना के विभिन्न मोहल्लों के खुदरा कारोबारी कोयला ले जाते है। थोक कारोबारी के पास खरीदारी करने पहुंचे राजाबाजार के मुस्तफा बताते हैं कि मांग और आपूर्ति को देखते हुए कोयले की कीमतों में भी इजाफा हो रहा है।

ऐपवा का मार्च

अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसो यानी ऐपवा ने रसोई गैस की मूल्यवृद्धि और युद्ध के खिलाफ ऐपवा ने मार्च निकाला। इस दौरान रसोई गैस के बढ़े हुए दाम को वापस लेने की मांग भी की गई। इससे पहले ऐपवा बिहार राज्य परिषद की चल रही दो दिवसीय बैठक भी शुक्रवार को संपन्न हुई। जगत नारायण रोड से बुद्ध मूर्ति कदमकुंआ तक निकले इस मार्च के दौरान बड़ी संख्या में ऐपवा के सदस्य शामिल थी। मौके पर ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है तब सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर क्यों महंगा कर दिया है। सरकार बढ़े हुए दाम तत्काल वापस ले। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले से पूरी दुनिया संकट में आ गई है। इस युद्ध का खामियाजा भारत को भी भुगतना पड़ रहा है। भारत हमेशा उपनिवेशवाद का विरोधी रहा है, लेकिन इस बार सरकार ने अमेरिका इजरायल गठजोड़ के सामने समर्पण कर दिया है।

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संजय सरावगी बोले गैस के लिए विपक्ष भ्रम उत्पन्न कर रहा

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आरोप लगाया है कि गैस सिलेंडर को लेकर विपक्ष भ्रम उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि पैनिक न हों और जितनी गैस की आपको आवश्यकता है, उतनी ही मांग करें। जरूरत के हिसाब से ही सिलेंडर की मांग करें, अनावश्यक नहीं।

प्रशासन तुरंत कार्रवाई कर रहा

सरावगी शुक्रवार को पटना में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जहां-जहां जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायत मिल रही है, वहां प्रशासन तुरंत कार्रवाई कर रहा है। कइयों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। लोगों को सिलेंडर सुविधा से उपलब्ध हो, इसके लिए केंद्र और बिहार की सरकार निरंतर प्रयासरत है। देशभर में इसको लेकर एस्मा भी लगाया गया है। कहा कि इस तरह की विशेष परिस्थिति में जमाखोरों को भी एक मौका मिल जाता है, जिसको लेकर प्रशासन सतर्क है। कालाबाजारी न हो इसके लिए सरकार और प्रशासन सर्तक और चौकस है।

यहां करें शिकायत

घरेलू सिलेंडरों की कालाबाजारी, जमाखोरी और इससे संबंधित मामलों की शिकायत निवारण के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर ( 0612-2219810) पर कॉल कर सकते हैं। सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक आम लोग इस संबंध में सूचना, शिकायत या जानकारी देते हैं तो इसपर त्वरित कार्रवाई होगी। पटना डीएम ने बताया कि हेल्प लाइन नंबर पर कॉल न लगने की कुछ शिकायतें भी आईं थी जिनका समाधान कर दिया गया है। अब एक साथ चार से पांच कॉल लिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है। लोग पैनिक बुकिंग न करें। गुरुवार को बुकिंग न हो पाने की कई शिकायतें आईं थीं लेकिन उसका समाधान कर दिया गया है। वहीं कालाबाजारी और अवैध कार्यों में लिप्त लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। चार प्राथमिकी दर्ज की गई है, बाढ़ अनुमंडल में 3 और दानापुर अनुमंडल में एक एफआईआर दर्ज की गई है।

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