Land for Job Scam Lalu Tejashwi Yadav Rabri Tej Pratap CBI court order लैंड फॉर जॉब में लालू-राबड़ी पर आरोप तय; तेजस्वी, मीसा, तेज, हेमा पर भी चार्ज, 52 बरी, Bihar Hindi News - Hindustan
More

लैंड फॉर जॉब में लालू-राबड़ी पर आरोप तय; तेजस्वी, मीसा, तेज, हेमा पर भी चार्ज, 52 बरी

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी, मीसा भारती, हेमा और तेज प्रताप यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ लैंड फॉर जॉब घोटाले में आरोप तय किए हैं। अदालत ने 52 आरोपियों को बरी भी कर दिया है।

Fri, 9 Jan 2026 11:34 AMJayesh Jetawat लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
लैंड फॉर जॉब में लालू-राबड़ी पर आरोप तय; तेजस्वी, मीसा, तेज, हेमा पर भी चार्ज, 52 बरी

रेलवे में कथित जमीन के बदले नौकरी देने के घोटाले में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की चार्जशीट पर लालू, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, तेज प्रताप, मीसा भारती, हेमा यादव समेत 46 लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। सीबीआई स्पेशल जज विशाल गोगने की अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने लैंड फॉर जॉब केस के 52 आरोपियों को बरी भी कर दिया है।

रेलवे में नौकरी देने के बदले जमीन लेने के आरोप में लालू परिवार समेत अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) के तहत आरोप तय किए गए हैं। अब लालू परिवार के खिलाफ मुकदमा चलेगा। शुक्रवार को दिल्ली की अदालत में सुनवाई के दौरान लालू एवं राबड़ी को छोड़ अन्य सभी आरोपी सशरीर पेश हुए। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई एवं जेजेडी अध्यक्ष तेज प्रताप यादव भी अदालत पहुंचे।

बता दें कि यह मामला लालू यादव के यूपीए कार्यकाल के दौरान रेल मंत्री रहने के दौरान का है। आरोप है कि रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर भर्ती के लिए कई लोगों से लालू परिवार के सदस्यों और करीबियों के नाम पर बहुत कम दाम में जमीनें लिखवाई गई थीं। सीबीआई इसके आपराधिक मामले की जांच कर रही है, जबकि मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से ईडी में अलग से केस चल रहा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:IRCTC घोटाले में तेजस्वी की याचिका पर CBI को नोटिस; लालू को HC से लगा था झटका

103 में से 52 आरोपी बरी

सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कुल 103 लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें से 5 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। शुक्रवार को अहम फैसले में अदालत ने 52 आरोपियों को बरी कर दिया। अब इनके खिलाफ ट्रायल चलाया जाएगा। इन पर आईपीसी की धारा 120बी, 420 के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय हुए हैं।

जानें पूरा मामला

साल 2004 से 2009 तक यूपीए सरकार में रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर लोगों को जमीन के बदले नौकरी देने का आरोप है। लालू पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री रहते हुए ही बिना कोई विज्ञापन जारी कर रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरी के लिए कई लोगों की भर्ती की थी। लालू के दबाव में ऐसे लोगों को ग्रुप-डी की नौकरियां दी गईं, जो अपना नाम तक नहीं लिख सकते थे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:रेलवे को जागीर बनाया, क्रिमिनल एंटरप्राइज चला रहा था लालू परिवार; जज ने क्या कहा

सीबीआई ने कोर्ट में दलील दी थी कि चयनित अभ्यर्थियों ने या तो लालू यादव, उनके परिजन या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर जमीन उपहार में दी गईं या कम कीमत पर बेची थीं। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक ने बताया था कि नौकरी पाने वाले सभी अभ्यर्थी बिहार के बेहद गरीब तबके से थे। उनके पास जो दस्तावेज थे, वे फर्जी स्कूलों से जारी हुए थे।

मामले में सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120, 420, 468, 467, 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 8, 9 11, 12 और 13 के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया था।

लैंड फॉर जॉब केस में अब तक क्या-क्या हुआ
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।