Lalu family turned railways personal fiefdom running criminal enterprise CBI judge remark on Land for Job case रेलवे को जागीर बनाया, क्रिमिनल एंटरप्राइज चला रहा था लालू परिवार; CBI जज ने क्या-क्या कहा?, Bihar Hindi News - Hindustan
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रेलवे को जागीर बनाया, क्रिमिनल एंटरप्राइज चला रहा था लालू परिवार; CBI जज ने क्या-क्या कहा?

लैंड फॉर जॉब घोटाला में सीबीआई की चार्जशीट पर आरोप तय करते हुए दिल्ली की विशेष अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव और उनका परिवार क्रिमिनल एंटरप्राइज चला रहा था। लालू ने रेलवे को अपनी जागीर समझ लिया था।

Fri, 9 Jan 2026 12:45 PMJayesh Jetawat लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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रेलवे को जागीर बनाया, क्रिमिनल एंटरप्राइज चला रहा था लालू परिवार; CBI जज ने क्या-क्या कहा?

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ लैंड फॉर जॉब घोटाला में आरोप तय कर दिए गए हैं। दिल्ली की सीबीआई स्पेशल राउज एवेन्यू कोर्ट में लालू, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी एवं तेज प्रताप, बेटियां मीसा भारती एवं हेमा यादव समेत 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय हुए। विशेष जज विशाल गोगने की अदालत ने शुक्रवार को आदेश सुनाते हुए लालू परिवार को आपराधिक उपक्रम चलाने और रेलवे को अपनी जागीर बनाने जैसी टिप्पणी की।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत में शुक्रवार को पढ़े गए आदेश में जज गोगने ने कहा, “चार्जशीट से पता चलता है कि लालू यादव और उनके परिवार के सदस्य एक क्रिमिनल एंटरप्राइज (आपराधिक उपक्रम) चला रहे थे। वे एक बड़ी साजिश का हिस्सा थे। उन्होंने संपत्ति हासिल करने के लिए सरकारी नौकरियों की सौदेबाजी की। लालू के करीबी लोगों ने जमीन के बदले रेलवे में नौकरियां दिलाने में मदद की। लालू और उनके परिवार के सदस्यों की बरी होने की अपील पूरी तरह अनुचित है। ऐसा लगता है कि लालू यादव ने रेल मंत्रालय को अपनी निजी जागीर के तौर पर इस्तेमाल किया था।

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52 आरोपी कोर्ट से बरी

शुक्रवार को दिए गए आदेश में विशेष अदालत ने इस केस में कुल 103 में से 52 आरोपियों को बरी कर दिया, जबकि 5 की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। अदालत ने लालू परिवार के सदस्यों समेत 41 के खिलाफ आरोप तय किए हैं। अब उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा। अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।

लैंड फॉर जॉब केस एक नजर में-

क्या हैं आरोप: 2004 से 2009 के बीच जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर नियमों की अनदेखी करते हुए कई लोगों को नौकरी दी गई थी। आरोप हैं कि इसके बदले लालू परिवार के सदस्यों और करीबियों के खिलाफ गिफ्ट डीड समेत अन्य तरीके से जमीनें ट्रांसफर करवाई गईं।

किन धाराओं में आरोप: सीबीआई ने आईपीसी की धारा 120, 420, 468, 467, 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 8, 9 11, 12 और 13 के तहत आरोप लगाते हुए चार्जशीट दायर की थी।

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मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?

  • 18 मई 2022- CBI ने दर्ज की एफआईआर
  • 10 अक्टूबर 2022- सीबीआई ने लालू, राबड़ी और मीसा समेत 16 आरोपियों के खिलाफ पहला आरोपपत्र दाखिल किया
  • फरवरी 2023- राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू परिवार समेत अन्य 14 आरोपियों को समन जारी कर अदालत में पेश होने का निर्देश दिया
  • जून 2024- सीबीआई ने अंतिम आरोपपत्र दाखिल किया
  • मई 2025- दिल्ली उच्च न्यायालय ने लालू यादव की सीबीआई द्वारा दायर प्राथमिकी और आरोपपत्र रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया
  • अगस्त 2025- अभियोजन एवं बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट में पेश की गईं दलीलें
  • सितंबर 2025- दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 13 अक्टूबर के लिए कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
  • अक्तूबर 2025- 10 नवंबर तक फैसला सुरक्षित रखा गया
  • नवंबर 2025-कई बार स्थगित हुआ फैसला
  • 19 दिसंबर 2025- सीबीआई ने कोर्ट में आरोपियों की स्थिति के बारे में एक वेरिफिकेशन रिपोर्ट सौंपी गई, जिसमें कहा गया कि आरोपपत्र में नामजद 103 आरोपियों में से 5 की मौत हो चुकी है
  • 9 जनवरी, 2026- लालू परिवार समेत अन्य के खिलाफ आरोप तय हुए, 52 आरोपियों को बरी किया गया

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