बिहार के कमलेश को मरणोपरांत मिला राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, बच्चे को बचाने के लिए नदी में लगा दी थी छलांग
बिहार के कैमूर के मोहनियां प्रखंड के दिवंगत वीर बालक कमलेश कुमार के साहस, बलिदान को देश का उत्कृष्ट पुरस्कार मिला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिवंगत कमलेश के पिता दुखी जायसवाल को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार दिया।

कैमूर के मोहनियां प्रखंड के जयपुर भदवलिया गांव के दिवंगत वीर बालक कमलेश कुमार के अदम्य साहस, मानवता और परोपकार की भावना को देशभर का उत्कृष्ट पुरस्कार मिला। नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में शुक्रवार को यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिवंगत कमलेश के पिता दुखी जायसवाल को दिया। इस दौरान कमलेश की बड़ी बहन सुनैना वहां मौजूद थी।
गौरतलब है 25 जुलाई को 11 वर्षीय कमलेश कुमार ने दुर्गावती नदी में डूबते एक अन्य बच्चे की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी थी। इस साहसिक प्रयास में उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी, लेकिन उनका यह वीरतापूर्ण कृत्य मानवता, निस्वार्थ सेवा और साहस का प्रतीक बन चुका है।
कमलेश के पिता ने बताया कि उनके बेटे का यह बलिदान न केवल कैमूर जिले बल्कि पूरे बिहार और देश के लिए गर्व का विषय है। पुरस्कार मिलने के बाद कमलेश की बड़ी बहन सुनैना के साथ खींचे गए तस्वीर को उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने बताया कि कमलेश दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहा करता था।
यह सम्मान वीर बालक कमलेश कुमार के अद्वितीय साहस, त्याग और मानवीय मूल्यों को चिरस्थायी स्मृति प्रदान करेगा तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। स्थानीय पंचायत के मुखिया रंगलाल पासवान ने बताया कि कमलेश को मरणोपरांत मिलने वाला यह पुरस्कार उनके पंचायत के साथ-साथ पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।




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