मधुबनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 पर खड़ी जयनगर-उधना एक्सप्रेस में लगी आग, जनरल बोगी जलकर खाक
Madhubani Railway Station News: मधुबनी स्टेशन के प्लेटफार्म 3 पर खड़ी जयनगर-उधना एक्सप्रेस की खाली बोगी में गुरुवार सुबह शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। दमकल ने आग पर काबू पाया, जांच जारी है।

Madhubani Railway Station News: बिहार के मधुबनी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर पिछले दो दिनों से खड़ी एक एक्सप्रेस ट्रेन के खाली रैक में गुरुवार की अहले सुबह अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते बोगी से ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा, जिससे स्टेशन परिसर और आसपास के यात्रियों में हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि ट्रेन पूरी तरह खाली थी, जिसके कारण इस हादसे में जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है।
सुबह 3 बजे अचानक बोगी से निकलने लगा धुआं
प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों ने बताया कि गुरुवार की सुबह करीब तीन बजे अचानक स्टेशन पर लिफ्ट की तरफ खड़ी ट्रेन संख्या 22563 जयनगर-उधना एक्सप्रेस के एक जनरल कोच से काला धुआं निकलते देखा गया। बोगी से धुआं और लपटें उठती देख सजग यात्रियों ने तुरंत इसकी जानकारी रेलवे सुरक्षा बल और स्टेशन मास्टर को दी। इसके बाद तुरंत स्थानीय फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। हालांकि, जब तक दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचतीं, तब तक जनरल बोगी का अधिकांश हिस्सा जलकर पूरी तरह खाक हो चुका था। फायर ब्रिगेड की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, जांच के लिए पहुंचे DRM
शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, इस भीषण आग की मुख्य वजह बोगी में हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम (DRM) ज्योति प्रकाश मिश्रा गुरुवार की सुबह ही स्पेशल ट्रेन से मधुबनी रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। डीआरएम ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और इसके कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित की जाएगी, जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
मधुबनी में चार साल पहले भी हुआ था ऐसा ही अग्निकांड
रेलवे सूत्रों के अनुसार, जयनगर स्टेशन पर रेलवे लाइनों की कमी होने के कारण ट्रेनों के खाली रैकों को मधुबनी सहित आसपास के विभिन्न स्टेशनों पर खड़ा रखा जाता है। यह बोगी भी दो दिनों से खड़ी थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि मधुबनी स्टेशन पर यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी करीब चार साल पहले शॉर्ट सर्किट की वजह से स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के खाली रैक में भी इसी तरह भीषण आग लग चुकी है। बार-बार होने वाले ऐसे हादसों ने रेल प्रशासन के सुरक्षा दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।




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