IPS Amit Lodha troubles increased Committee formed to investigate prosecution case in disproportionate assets case IPS अमित लोढ़ा की बढ़ी मुश्किलें; आय से अधिक संपत्ति मामले में अभियोजन केस की जांच के लिए कमेटी बनी, Bihar Hindi News - Hindustan
More

IPS अमित लोढ़ा की बढ़ी मुश्किलें; आय से अधिक संपत्ति मामले में अभियोजन केस की जांच के लिए कमेटी बनी

IPS अधिकारी अमित लोढ़ा को एडीजी के पद पर प्रमोशन देने के एक महीने बाद बिहार सरकार ने आय से अधिक संपत्ति मामले में उनके खिलाफ अभियोजन मंजूरी की संभावना पर विचार करने के लिए एक कमेटी गठित की गई है।

Tue, 29 April 2025 06:19 PMsandeep हिन्दुस्तान, अविनाश कुमार, पटना
share
IPS अमित लोढ़ा की बढ़ी मुश्किलें; आय से अधिक संपत्ति मामले में अभियोजन केस की जांच के लिए कमेटी बनी

1998 बैच के आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा को अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) के पद पर प्रमोशन देने के एक महीने बाद बिहार सरकार ने आय से अधिक संपत्ति मामले में अधिकारी के खिलाफ अभियोजन मंजूरी की संभावना पर विचार करने के लिए एक कमेटी गठित की गई है। इससे पहले मामला लंबित रहने पर लोढ़ा ने अपने प्रमोशन में देरी के लिए केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) का दरवाजा खटखटाया। कैट ने लोढ़ा के पक्ष में फैसला सुनाया और बाद में सरकार ने लोढ़ा को पदोन्नति दे दी थी।

अब समिति यह भी देखेगी कि कैट के आदेश को चुनौती दी जा सकती है या नहीं। इस मामले से संबंधित वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आय से अधिक संपत्ति मामले में अधिकारी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने के लिए अभियोजन मंजूरी की जरूरत होती है और मंजूरी मिलने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ये मामला बिहार सरकार की विशेष सतर्कता इकाई (एसवीयू) के पास है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:हसनैन खान ईओयू, अमित लोढ़ा SCRB के एडीजी बने; बिहार के 3 IPS का तबादला
ये भी पढ़ें:'खाकी' वेब सीरीज वाले IPS अमित लोढ़ा का प्रमोशन, आईजी से एडीजी प्रमोट

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी आईपीएस अमित लोढ़ा, जो वर्तमान में एडीजी (राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के रूप में तैनात हैं, उनके खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की, जो लंबित है। अमित लोढ़ा ने कथित तौर पर 7 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति अर्जित की है, जबकि सभी कानूनी स्रोतों से उनकी कुल आय बिना किसी कटौती के 2 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होगी।

पटना हाईकोर्ट ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की उस याचिका को पहले ही खारिज कर दिया है, जिसमें एसवीयू द्वारा उनके खिलाफ दर्ज डीए मामले से संबंधित एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। इसने जांच एजेंसी को एक निर्धारित अवधि के भीतर इस मामले की जांच को उसके तार्किक अंत तक ले जाने का निर्देश दिया था। एसवीयू ने सुनवाई के दौरान अदालत में दावा किया था कि जब लोढ़ा आईजी, मगध रेंज (गया) के रूप में तैनात थे, तो अपने एग्रीमेंट के तहत वो अगस्त, 2021 में वेब सीरीज की प्रोडक्शन टीम से मिलने मुंबई गए थे और 18 अगस्त को उनके एचडीएफसी बैंक खाते में फ्राइडे स्टोरी टेलर एलएलपी से 12,372 रुपये प्राप्त हुए थे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:IPS अमित लोढ़ा को पटना HC से झटका, इस मामले में FIR रद्द करने से इंकार
ये भी पढ़ें:फर्नीचर के नाम पर IG अमित लोढ़ा के रिश्तेदार से कैसे हुई ऑनलाइन ठगी, FIR दर्ज

आईजी, मगध रेंज के रूप में अपनी तैनाती के दौरान, वे फिर से 16 सितंबर, 2021 को झारखंड के डाल्टनगंज के पास कुर्का गांव में वेब सीरीज के शूटिंग स्थल का दौरा किया था। आईजी 17 सितंबर, 2021 को उसी होटल में प्रोडक्शन टीम के साथ रुके थे और कंपनी द्वारा 75,900 रुपये का भुगतान किया गया था। जो बताता है कि आय से अधिक संपत्ति का संचय एक अपराध है। याचिकाकर्ता और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए एसवीयू, बिहार के अधिकार क्षेत्र को साबित करने के लिए पर्याप्त हैं।

यह आरोप लगाया गया है कि ‘फ्राइडे स्टोरी टेलर्स’ के खाते से अमित लोढ़ा की पत्नी कोमुदी लोढ़ा के खाते में एक फिल्म के निर्माण से संबंधित विभिन्न तिथियों पर नियमित रूप से पैसे का लेन-देन हुआ और इसके अंतिम लाभार्थी अमित लोढ़ा उनकी पत्नी और उनके सहयोगी थे।

लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।