International cyber crime network in bihar chinese sim box and dark web crypto currency used from Thailand चीनी सिम बॉक्स और डार्क वेब, बिहार में अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम; सुरक्षा एजेंसियों में खलबली, Bihar Hindi News - Hindustan
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चीनी सिम बॉक्स और डार्क वेब, बिहार में अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम; सुरक्षा एजेंसियों में खलबली

दूरसंचार विभाग, आईबी समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद इस मामले में मधुबनी के जयनगर और खजौली इलाके में भी छापेमारी की गयी। मधुबनी सिम बॉक्स से ठगी मामले में बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई साइबर ठगों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को खंगाल रही है।

Fri, 6 Feb 2026 06:50 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान, पटना/मधुबनी
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चीनी सिम बॉक्स और डार्क वेब, बिहार में अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम; सुरक्षा एजेंसियों में खलबली

बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने मधुबनी जिले में साइबर ठगी के अंतरराष्ट्रीय रैकेट का खुलासा किया है। मधुबनी पुलिस के सहयोग से की गयी इस कार्रवाई में गिरोह के चार शातिरों को गिरफ्तार करने के साथ ही मौके से चीन में निर्मित सात सिम बॉक्स, 136 मोबाइल, 136 से अधिक सिम कार्ड, वाई-फाई केबल एवं स्विच समेत भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और 1.68 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक चीनी सिम बॉक्स के जरिए विदेशी से आने वाली कॉल को लोकल में बदल कर साइबर ठगी हो रही थी। शहर के तिरहुत कॉलोनी स्थित एक घर में संचालित इस सेंटर के जरिए चीन, थाईलैंड और कंबोडिया में बैठे साइबर अपराधी बिहार सहित देश भर में ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने इस अंतरराष्ट्रीय रैकेट से जुड़े सुरेश सिंह के दो पुत्रों मनदीप कुमार और रोशन कुमार को गिरफ्तार किया है।

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इसके अलावा, इन्हें फर्जी नाम और पते पर सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले मो. एहसान और विकास कुमार को भी दबोचा गया है। बिहार एसटीएफ, आईबी व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ हुई बॉर्डर सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा कोऑर्डिनेशन की मीटिंग में इसकी जानकारी मिली थी। कांड की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को इसकी जानकारी दे दी गयी है।

दूरसंचार विभाग, आईबी समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद इस मामले में मधुबनी के जयनगर और खजौली इलाके में भी छापेमारी की गयी। मधुबनी सिम बॉक्स से ठगी मामले में बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई साइबर ठगों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को खंगाल रही है। इसके तहत सिम बॉक्स की सप्लाई करने वाले और इसके वित्तीय नेटवर्क की ट्रैकिंग कर इसके संपर्कों का पता लगाया जा रहा है।

पुलिस मुख्यालय सूत्रों के मुताबिक, बरामद सिम बॉक्स चीन में बने हैं। इनको नेपाल के रास्ते मधुबनी लाया गया था। पुलिस पता लगा रही है कि इन सिम बॉक्स को चीन से बिहार तक लाने में किन-किन लोगों की भूमिका रही? गिरफ्तार अभियुक्तों से उनका संपर्क कैसे हुआ? करीब सात महीने से सिम बॉक्स का इस्तेमाल मिनी टेलीफोन एक्सचेंज के रूप में किया जा रहा था।

विदेशों में बैठे साइबर अपराधी सिम बॉक्स के सहारे एक ही समय में कई विदेशी कॉल को भारत के विभिन्न राज्यों के मोबाइल पर डायवर्ट कर रहे थे। इससे रिसीवर को लगता था कि कॉल भारत के ही किसी नंबर से आ रही है। वियतनाम और नेपाल के कॉल सेंटर से भी कॉल आने की आशंका जताई गई है। इससे एक तरफ पुलिस को साइबर अपराधियों को ट्रैक करना मुश्किल हो रहा था, दूसरी तरफ दूरसंचार कंपनियों को भी राजस्व की हानि उठानी पड़ रही थी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों को जानकारी दी जा रही है। दूरसंचार विभाग और खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद जयनगर और खजौली इलाके में भी छापेमारी की गयी।

क्रिप्टो के जरिए पैसे के लेन देन का पता चला

पुलिस की जांच के मुताबिक साइबर ठगी के इस नेटवर्क में बड़े पैमाने पर पैसे का लेनदेन का पता चला है। विदेशों के कॉल सेंटर संचालक सिम बॉक्स की सेवा देने के बदले गिरफ्तार अभियुक्त मनदीप और रोशन को हर महीने लाखों रुपये देते थे। पैसे का यह लेनदेन क्रिप्टो करेंसी से होता था। यह क्रिप्टो करेंसी इंटरनेट के डार्क वेब से अभियुक्तों तक पहुंचती थी। साइबर इकाई डिजिटल उपकरणों से पैसे के इस लेनदेन का पता लगा रही है।

सुपौल-भोजपुर में भी सिम बॉक्स हुआ था बरामद

आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने जुलाई 2025 में सुपौल और भोजपुर के नारायणपुर में सिम बॉक्स से साइबर ठगी का मामला पकड़ा था। अपराध के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को देखते हुए ईओयू में दर्ज यह कांड बाद में जांच के लिए सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया। सितंबर 2025 में राज्य के समस्तीपुर, पूर्णिया और यूपी के वाराणसी से भी सिम बॉक्स की बरामदगी हुई थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सिम बॉक्स मिनी टेलीफोन एक्सचेंज के रूप में काम करता है।

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