बिहार के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की होगी जांच, बड़ा गड़बड़झाला उजागर; सेविकाओं पर भी ऐक्शन
बच्चों की वृद्धि माप भी गलत की जाती है। ऐसी शिकायतें आये दिन आईसीडीएस निदेशालय पहुंच रही है। ऐसे में अब आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच होगी। गलत पकड़े जाने पर आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका और सहायिका पर कार्रवाई होगी। वर्तमान में एक लाख 15 हजार छह सौ आंगनबाड़ी केंद्र है।

बिहार के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच की जाएगी। इसके लिए समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) निदेशालय ने तैयारी शुरू कर दी है। हर सप्ताह एक जिले में तीन से चार आंगनबाड़ी केंद्र की जांच होगी। इसमें बच्चों की वृद्धि माप के साथ उनकी उपस्थिति को देखा जाएगा। इसके लिए आईसीडीएस की ओर से एक टीम गठित की जाएगी। बता दें कि आंगनबाड़ी केंद्र की सेविकाओं की ओर से पोषण ट्रैकर पर गलत सूचनाएं दी जाती हैं। बच्चों की वास्तविक संख्या नहीं दी जाती है।
बच्चों की वृद्धि माप भी गलत की जाती है। ऐसी शिकायतें आये दिन आईसीडीएस निदेशालय पहुंच रही है। ऐसे में अब आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच होगी। गलत पकड़े जाने पर आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका और सहायिका पर कार्रवाई होगी। वर्तमान में एक लाख 15 हजार छह सौ आंगनबाड़ी केंद्र है। इन सभी की जांच होगी, लेकिन इसमें प्राथमिकता उस आंगनबाड़ी केंद्र को दिया जाएगा जहां से आये दिन शिकायतें आती हैं।
25 बिंदुओं पर होगी जांच
आईसीडीएस ने 25 बिंदु तैयार की है। इन सभी पर जांच की जाएगी। बता दें कि आंगनबाड़ी सेविकाओं की ओर से लाभार्थी का फेस कैप्चरिंग करके पोषण ट्रैकर पर भेजना है, लेकिन अब तक 55 फीसदी ही लाभार्थी का फेस कैप्चरिंग का काम हो पाया है। इसको लेकर आये दिन सेविकाओं की ओर से दिक्कतों की बातें बताई जाती है। इसकी भी जांच की जाएगी। आईसीडीएस के निदेशक अमित पांडेय ने बताया कि हर सप्ताह आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण और जांच की जाएगी।




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