बिहर में रोज 27 सड़क हादसे, 21 की जा रही जान; कहां सबसे ज्यादा मौतें और एक्सीडेंट की वजह क्या, पढ़ें
दुर्घटना होने का मूल कारण सड़क की संरचना में दोष है। साथ ही एनएच को जोड़ने वाली बिंदु (चौराहे) पर भी हादसे अधिक हो रहे हैं। बसावटों से सड़क के गुजरने पर आम लोग (पैदल यात्री) भी गाड़ियों की चपेट में आ जा रहे हैं। सड़क पार करने के क्रम में भी लोगों की जान जा रही है।

बिहार में हर रोज कम-से-कम 27 सड़क हादसे हो रहे हैं। इसमें औसतन 21 लोगों की जान जा रही हैं। बीते आठ वर्षों में बिहार में 80 हजार सड़क हादसे हुए और इसमें 60 हजार से अधिक लोग असमय अपनी जान गंवा चुके हैं। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद राज्य में सड़क हादसे और इससे होने वाली मौतें साल-दर-साल बढ़ रही हैं। सड़क हादसों से होने वाली मौत के मामले में बिहार देश में दूसरे पायदान पर है। मिजोरम के बाद बिहार में हर 100 लोगों में 82 लोगों की मौत सड़क हादसे में हो रही है।
परिवहन विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2017 में हर रोज 24 सड़क हादसे हुए और इसमें 15 लोगों ने अपनी जान गंवाई। 2022 और 2023 में हर रोज 30 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिसमें औसतन हर रोज 24 लोगों की जान गई। 2024 में सड़क हादसों में पांच फीसदी और मौत में तीन फीसदी की वृद्धि हुई। इस वर्ष हर रोज औसतन 32 सड़क हादसे हुए जिसमें 25 लोगों की जान गई।
एनएच पर हो रहा 45 फीसदी हादसा
बिहार में हो रही सड़क दुर्घटनाओं में 44.66 फीसदी हादसे केवल नेशनल हाईवे पर हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार एनएच 31 रजौली-बख्तियारपुर-मोकामा-पूर्णिया-किशनगंज, एनएच 28 गोपालगंज-मुजफ्फरपुर-बरौनी, एनएच 30 मोहनियां-आरा-पटना-बख्तियारपुर, एनएच 57 मुजफ्फरपुर-बरौनी-पूर्णिया और एनएच 19 छपरा-हाजीपुर-पटना और एनएच दो जीटी रोड में सबसे अधिक सड़क हादसे हो रहे हैं।
सड़क हादसों के मूल कारण
दुर्घटना होने का मूल कारण सड़क की संरचना में दोष है। साथ ही एनएच को जोड़ने वाली बिंदु (चौराहे) पर भी हादसे अधिक हो रहे हैं। बसावटों से सड़क के गुजरने पर आम लोग (पैदल यात्री) भी गाड़ियों की चपेट में आ जा रहे हैं। सड़क पार करने के क्रम में भी लोगों की जान जा रही है।
इन जिलों में मौतें अधिक
खगड़िया, अररिया, जहानाबाद, किशनगंज, सहरसा, पटना, कैमूर, पूर्णिया, सुपौल, मधेपुरा, मधुबनी, सीतामढ़ी, रोहतास, समस्तीपुर, शिवहर, गया, सारण, गोपालगंज और मोतिहारी।
यहां सड़क हादसे अधिक
मधेपुरा, जहानाबाद, पटना, रोहतास, सुपौल, पूर्णिया, सहरसा, किशनगंज, शिवहर, मधुबनी, गया, अररिया, सारण, समस्तीपुर, कैमूर, दरभंगा, लखीसराय, सीतामढ़ी, सीवान, नालंदा, खगड़िया और बेगूसराय।




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