India UK Free Trade Agreement happiness in Mithila farmers very happy demand of Makhana increase भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेट एग्रीमेंट से मिथिला में खुशी की लहर, किसानों की बल्ले-बल्ले; बढ़ेगा मखाना का मान, Bihar Hindi News - Hindustan
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भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेट एग्रीमेंट से मिथिला में खुशी की लहर, किसानों की बल्ले-बल्ले; बढ़ेगा मखाना का मान

मखाने का निर्यात ड्राई फ्रूट के कोड पर होता था। इससे निर्यात की मात्रा का पता नहीं चल पाता था। अब मखाना को एचएस कोड मिलने से स्वतंत्र रूप से इसका निर्यात हो सकेगा।

Sat, 26 July 2025 11:09 AMSudhir Kumar हिन्दुस्तान
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भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेट एग्रीमेंट से मिथिला में खुशी की लहर, किसानों की बल्ले-बल्ले; बढ़ेगा मखाना का मान

भारत और ब्रिटेन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट सेदरभंगा और मधुबनी के मखाना उत्पादकों व कारोबारियों को कई तरह के लाभ होंगे। इस खबर से यहां के मखाना कारोबारी खुश हैं। मखाना की प्रोसेसिंग और आयात-निर्यात के कारोबार से जुड़े दरभंगा शहर के युवा व्यवसायी भुवन सरावगी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से आयात-निर्यात पर असर पड़ेगा।

मखायो फूड्स के निदेशक भुवन सरावगी ने कहा कि पूर्व की संधि के तहत मखाना पर 12 प्रतिशत टैरिफ देय था, जो अब मात्र ढाई प्रतिशत हो गया है। टैरिफ कम होने से वहां के खरीदारों को सस्ती दर पर मखाना उपलब्ध होगा। इससे मखाने की मांग बढ़ेगी और निर्यात बढ़ने पर मिथिला क्षेत्र के उत्पादकों व कारोबारियों को लाभ होगा। भगवान दास मोहल्ला निवासी व मखाना की प्रोसेसिंग और आयात-निर्यात से जुड़े एमबीए मखाना वाले के संचालक ई. श्रवण रॉय ने कहा कि इससे पूर्व मखाने का निर्यात ड्राई फ्रूट के कोड पर होता था। इससे निर्यात की मात्रा का पता नहीं चल पाता था। अब मखाना को एचएस कोड मिलने से स्वतंत्र रूप से इसका निर्यात हो सकेगा।

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बताया कि मधुबनी से ब्रिटेन में सलाना तीन से चार करोड़ के मखाने का कारोबार होता है। एफटीए से यह आंकड़ा और बढ़ने की कारोबारियों को पूरी उम्मीद है। मखाना उत्पादक और इसकी प्रोसेसिंग स जुड़े लोगों का उत्साह बढ़ गया है। मिथिला क्षेत्र का मखाना विश्व भर में प्रसिद्ध है।

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उत्पादन व कारोबार से 15 लाख लोग जुड़े हैं

राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि दरभंगा में अभी पांच से छह हजार हेक्टेयर में मखाने की खेती होती है। इससे लगभग 10 हजार टन बीज और उससे करीब चार हजार टन लावा निकलता है। उत्तर बिहार में इसके उत्पादन और कारोबार से करीब 15 लाख लोग जुड़े हुए हैं।

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