बहुत पीड़ा हुई देख कर, मुख्यमंत्री से सहानुभूति है; सदन में खूब हंगामे के बाद बोले तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने कहा कि हम तो अनुमति से बोले लेकिन डिप्टी सीएम का कमेंट आता है कि यही बोलता रहेगा खाली, कितना बोलेगा, क्यों बोलेगा। इस तरह का बयान कितना अमर्यादित है। सदन में अगर विपक्ष का नेता नहीं बोलेगा तो कौन बोलेगा?

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। सदन में हंगामे और कार्यवाही स्थगित होने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मीडिया से मुखातिब हुए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने एक तरफ जहां मतदाता पुनरीक्षण पर सवाल उठाए तो वहीं उन्होंने सीएम नीतीश कुमार पर भी तंज कसा। इसी के साथ तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि उनके संबोधन के दौरान डिप्टी सीएम ने उनपर कमेंट किया।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि हमलोगों ने एसआईआर की टाइमिंग को लेकर अपनी बात विधानसभा में रखी। चुनाव आयोग ने यह लगभग 55 लाख मतदाता नहीं है। मैं इसपर अपनी बात रख रहा था। तेजस्वी ने आगे कहा कि बहुत पीड़ा हुई देख कर सत्ता पक्ष में बड़े पद पर बैठ लोग फिर चाहे डिप्टी सीएम ही हो वो इतनी हल्की राजनीति करते हैं। सत्ता पक्ष में कुछ लोग हल्की राजनीतिक करने वाले लोग हैं। वो सदन की गरिमा को गिराने का काम करते हैं। अध्यक्ष महोदय ने डिप्टी सीएम और मंत्री को भी फटकार भी लगाई है। सदन के संचालन का काम बड़े पद पर बैठे नेता और उनके मंत्रियों का होता है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि हम तो अनुमति से बोले लेकिन डिप्टी सीएम का कमेंट आता है कि यही बोलता रहेगा खाली, कितना बोलेगा, क्यों बोलेगा। इस तरह का बयान कितना अमर्यादित है। सदन में अगर विपक्ष का नेता नहीं बोलेगा तो कौन बोलेगा? सदन में अगर सवाल नहीं पूछे जाएंगे तो जवाब कौन देगा? हम लोगों को लगता है कि अगर सभी पार्टी के लोग बोलते हैं तो इस विषय पर चर्चा होगी।
हमने कहा कि सूत्रों पर दोनों उपमुख्यमंत्री बयान देने लगते हैं। यह लोग बयान देने लगते हैं कि फर्जी वोटर बांग्लादेश या नेपाल के हैं। लेकिन जब हमने सबूत दिखाया कि चुनाव आयोग ने जो हलफमाना सुप्रीम कोर्ट में दिखाया है उसमें कहीं से भी विदेशी नागरिक का जिक्र नहीं है। अगर आयोग ने यह बात कही ही नहीं तो इसका खंडन होना चाहिए। हमने कहा कि बीजेपी के भी 54 हजार वोटर हैं और उनलोगों ने भी कभी फर्जी वोटर की सिकायत नहीं की है।
अगर फर्जी वोटर होगा तो भी 2005 से किसकी सरकार है। 11 साल से केंद्र में सरकार में कौन है? यानी आप ही लोगों ने फर्जी कागजात दिया होगा। उन लोगों के पास जवाब नहीं है तो कुछ ना कुछ बयान देकर सदन में हंगामा किया गया और यह सबकुछ हुआ।
तेजस्वी यादव ने सीएम पर कसा तंज
इसके बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि हम जब बोल रहे थे तो बीच में सीएम नीतीश कुमार उठ गए थे। मुख्यमंत्री को पता ही नहीं था कि किस विषय पर चर्चा हो रही है। जिस स्थति में मुख्यमंत्री हैं हमको उनसे सहानूभुति है। पूरे सदन में सबको पता था कि चर्चा किस बात पर हो रही है लेकिन मुख्यमंत्री को पता ही नहीं था।
आप सभी अंदाजा लगा सकते हैं कि मुख्यमंत्री की स्थिति बिहार चलाने या सत्ता चलाने के लायक नहीं रही। कैसे सरकार चल रहा है। दिल्ली से रिमोट से सरकार चल रही है। प्रधानमंत्री और अमित शाह के इशारे पर यह सब काम हो रहा है। जो वोटर्स होते थे वो सरकार चुनते थे। आज उल्टा हो रहा है। अब सरकार में बैठे लोग वोटर चुन रहे हैं।




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