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जिले में 15 से 19 जून के बीच प्रवेश करेगा मानसून

बदलते जलवायु परिवर्तन की वजह से मानसून की अवधि हो रही कम इस बार का मानसून सामान्य रहेगा, 90 फीसदी तक होगी बारिश

Fri, 5 June 2026 09:34 PMNewswrap हिन्दुस्तान, हाजीपुर
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जिले में 15 से 19 जून के बीच प्रवेश करेगा मानसून

भीषण गर्मी से जिलेवासियों को राहत नहीं मिलने वाली है। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय और मौसम विभाग के द्वारा पूर्वानुमान अवधि में उत्तर बिहार के कुछ जिलों में उमस भरी गर्मी बनी रहने की संभावना है। 6 एवं 9 जून को कुछ स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाओं तथा हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान आकाश में अधिकांश समय आंशिक रूप से बादल छाए रह सकता है। •इस अवधि के दौरान अधिकतम तापमान 37 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जो सामान्य से 3-4 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। न्यूनतम तापमान 25 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है।

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अगले कुछ अधिकांश क्षेत्रों में 12 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूर्वा तेज हवा चलने की संभावना है। दूसरी ओर मौसम विभाग के अनुसार जिले में 15 से 19 जून के बीच मानसून प्रवेश कर जाएगा। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। इस संबंध में डॉ.राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वरीय वैज्ञानिक डॉ. ए सत्तार ने बताया कि इस बार का मानसून सामान्य रहेगा और इसके सर्किल में बदलाव भी आएगा। बदलते जलवायु के वजह से मानसून की अवधि कम हो रही है। पहले के मानसून में 100% बारिश होती थी, लेकिन अब इस अवधि में कमी है। इस बार 90 फीसदी ही मानसून रहेगा। •किसान क्या करें और क्या न करें खरीफ फसल मक्के की बुवाई करें। अंतिम जुताई के समय 100-150 क्विंटल प्रति हेक्टेयर अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद के साथ 30 किलोग्राम नाइट्रोजन, 60 किलोग्राम फॉस्फोरस तथा 50 किलोग्राम पोटाश का प्रयोग करें। शक्तिमान-2, शक्तिमान-5, शक्तिमान-6 एवं राजेन्द्र शंकर मक्का-3 किस्मों की बुआई करें। जिन किसान भाइयों के पास सिंचाई की समुचित सुविधा उपलब्ध है और जो लंबी अवधि वाली धान की खेती करना चाहते हैं,वे आगामी 4 से 5 दिनों के भीतर राजश्री,राजेन्द्र मानसूरी,स्वर्णा, स्वर्णा सब-1 एवं बी.पी.टी.-5204 किस्मों का बिचड़ा बीजस्थली में गिराने का कार्य पूरा करें। बुआई से पूर्व बीजों को बाविस्टीन 1.5 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करें तथा बीजस्थली में पर्याप्त नमी बनाए रखें। किसान भाई भिंडी, कद्दू, खीरा, नेनुआ, लौकी आदि ग्रीष्मकालीन सब्जियों में निराई-गुड़ाई एवं खरपतवार नियंत्रण का कार्य करें। गर्म एवं उमस भरे मौसम में पत्ती भक्षक एवं फल छेदक कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है,इसलिए नियमित निगरानी रखें तथा आवश्यकता होने पर डाइमेथोएट 30 ई.सी. 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करें। रोगों के प्रसार के लिए अनुकूल वर्तमान मौसम परिस्थितियां में मिर्च में विषाणुजनित (वायरल) रोगों के प्रसार के लिए अनुकूल हो सकती हैं। किसान भाई रोगग्रस्त पौधों को उखाड़कर मिट्टी में दबाकर नष्ट करें। इसके बाद वाहक कीटों के नियंत्रण हेतु इमिडाक्लोप्रिड 0.3 मि.ली. प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करें। •खरीफ प्याज की बीजस्थली तैयार करें तथा स्वस्थ पौध उत्पादन के लिए बीजस्थली में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद का प्रयोग करें। एन-53, एग्रीफाउंड डार्क रेड, अर्का कल्याण एवं भीमा सुपर किस्मों की बुआई करें। बीजों की व्यवस्था प्रमाणित स्रोत से करें तथा बुआई से पूर्व बीजोपचार अवश्य करें। बीज दर 8-10 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रखें। ढैंचा की बुआई करने की सलाह दी किसान भाइयों को मिट्टी की उर्वरता एवं जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ाने के लिए हरी खाद हेतु सनई एवं ढैंचा की बुआई करने की सलाह दी जाती है। आगामी वर्षा का लाभ उठाकर इन फसलों की बुआई समय पर पूर्ण करें। गरज-चमक एवं तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए किसान भाई वज्रपात के समय खेतों में कार्य करने से बचें तथा सुरक्षित स्थान पर शरण लें। कीटनाशी एवं उर्वरकों का छिड़काव मौसम साफ रहने पर ही करें। इसकी जानकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वरीय वैज्ञानिक डॉ. ए सत्तार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दिया है। दीपक शास्त्री

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