खुशखबरी! रक्सौल-हल्दिया छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को हरी झंडी, बिहार के इन 11 जिलों को फायदा
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे भारत-नेपाल सीमा पर रक्सौल से शुरू होकर दुर्गापुर वन क्षेत्र को बचाते हुए एनएच-19 पानागढ़ व वर्द्धमान के बीच समाप्त होगा। एनएच-19 से आगे हल्दिया बंदरगाह तक एलाइनमेंट पश्चिम बंगाल सरकार के परामर्श से तय होगा।

रक्सौल-हल्दिया छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए भू-अर्जन का काम अब शुरू हो जाएगा। इसके लिए एलाइनमेंट एप्रूवल कमेटी (एएसी) की हरी झंडी मिल गई है। दिल्ली में सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में हुई कमेटी की बैठक के बाद संबंधित जिलों को भू-अर्जन के लिए प्राधिकार बनाने का निर्देश दिया गया है। बिहार के 11 जिलों से गुजरनेवाले इस एक्सप्रेस वे की कुल लंबाई 585.350 किमी होगी। परियोजना के लिए 60 मीटर चौड़ाई में 4866 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होगा।
एक्सप्रेस वे बेगूसराय के वीरपुर गांव के पास गंगा नदी पर लगभग 4.5 किमी लंबा पुल प्रस्तावित है। नदी के दोनों ओर मटिहानी व समनो गांव तक दो लेन की कनेक्टिविटी भी प्रस्तावित है। राजस्व व भूमि सुधार विभाग के निदेशक ने जिलों को पत्र भेजकर कहा है कि मोतिहारी, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, जमुई, लखीसराय, मुंगेर व बांका से होकर गुजरनेवाले एक्सप्रेस वे के लिए सक्षम प्राधिकार को नामित करें, ताकि भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू की जा सके। इस एक्सप्रेस वे से इन सभी जिलों को फायदा होगा।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे भारत-नेपाल सीमा पर रक्सौल से शुरू होकर दुर्गापुर वन क्षेत्र को बचाते हुए एनएच-19 पानागढ़ व वर्द्धमान के बीच समाप्त होगा। एनएच-19 से आगे हल्दिया बंदरगाह तक एलाइनमेंट पश्चिम बंगाल सरकार के परामर्श से तय होगा। पूर्वी चंपारण के भू-अर्जन अधिकारी गणेश कुमार ने कहा कि राजस्व व भूमि सुधार विभाग के निदेशक का भू-अर्जन के कार्य के लिए सक्षम प्राधिकार नामित करने का निर्देश मिला है। डीएम के निर्देश के अनुसार आगे कार्य किया जाएगा।




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