स्कूल हॉस्टल में 5 साल के बच्चे का मर्डर से पहले गैंगरेप! प्रिंसिपल गया जेल, अब गार्ड उगलेगा राज
जहानाबाद में 5 साल के मासूम बच्चे की स्कूल के हॉस्टल में धारदार हथियार से हत्या करने से पहले सामूहिक दुष्कर्म भी किया गया था। पुलिस ने गैंगरेप और मर्डर की एफआईआर दर्ज कर प्रिंसिपल को जेल भेज दिया है। गार्ड की भूमिका भी संदिग्ध है, उससे पूछताछ की जा रही है।

Jehanabad News: बिहार के जहानाबाद में कनौदी बायपास के पास स्थित एक निजी आवासीय विद्यालय में 5 साल के मासूम बच्चे के जघन्य हत्याकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। अब इस मामले में एक और दिल दहलाने वाली बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि मासूम बच्चे को मारने से पहले आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म भी किया था। मृत बच्चे के पिता के बयान के आधार पर कड़ौना नगर थाना पुलिस ने गैंगरेप और मर्डर की एफआईआर दर्ज कर दी है। पिता ने स्कूल के प्रबंधक सह प्रिंसिपल और वहां के अन्य कर्मियों के द्वारा मासूम के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद धारदार हथियार से हत्या करने का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। साथ ही, गार्ड को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है।
निजी आवासीय विद्यालय के छात्रावास में पांच वर्षीय मासूम बच्चे के साथ निर्मम कांड किए जाने के मामले में हॉस्टल के एक सुरक्षा कर्मी ( गार्ड) को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। घटना को लेकर सोमवार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए स्कूल सह छात्रावास के एक शिक्षक और दो महिला कर्मियों को बॉन्ड पेपर के आधार पर छोड़ दिया गया, लेकिन सुरक्षाकर्मी से पूछताछ जारी है। स्कूल के संचालक सह प्रिंसिपल तरुण कुमार उर्फ गांधी को जेल भेज दिया गया है।
मंगलवार को दिन भर किए गए अनुसंधान के बाद रात में जहानाबाद एसपी अपराजित लोहान ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूछताछ के क्रम में आरोपी संचालक और सुरक्षाकर्मी की भूमिका फिलहाल संदिग्ध दिख रही है। इस गंभीर मामले के रहस्य का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस प्रशासन वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से अनुसंधान में जुटी हुई है।
रात को सवा 11 बजे तक बच्चे ने देखी थी टीवी
एसपी ने हॉस्टल को सील करने के पूर्व वहां लगे सीसीटीवी के फुटेज को देखा। उनके साथ एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी भी थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रविवार की रात 9 से साढ़े 9 बजे के आसपास हॉस्टल के बच्चों के साथ उस बच्चे ने भी खाना खाया था। उसके बाद रात 11:15 बजे तक टीवी पर मूवी भी देखी थी।
ना कोई अंदर आया, ना कोई बाहर गया
सीसीटीवी फुटेज में यह पाया गया कि हॉस्टल में कोई भी बाहरी व्यक्ति रात में नहीं गया था, लेकिन संचालक ने सुरक्षा कर्मी के रहने की बात की जानकारी नहीं दी थी। उन दोनों की भूमिका संदिग्ध लग रही है। स्कूल के जो अन्य कर्मी है उनमें दो महिलाएं हैं। वह सोमवार को सुबह 9:30 बजे के बाद वहां गई थी। साथ ही वहां पढ़ाने वाले एक शिक्षक भी दिन में ही चले गए थे। इसलिए उन तीनों को पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया।
जहानाबाद (कड़ौना) थाने में बीएनएस की धारा 65 (2), 64 ( एफ), 70( 2), 103 के अलावे 4/ 6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस केस के अनुसंधानकर्ता थानाध्यक्ष देवकांत वर्मा बनाए गए। इधर फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम की बेहतर रिपोर्ट के लिए सोमवार को जहानाबाद सदर अस्पताल से पटना के पीएमसीएच रेफर किए गए बच्चे के शव का पोस्टमार्टम मंगलवार की अहले सुबह करीब पांच बजे मेडिकल बोर्ड गठित कर किया गया। इसके बाद शव परिजन को सौंपा गया। रोते-बिलखते परिजन ने मासूम के शव का फतुहा घाट पर अंतिम संस्कार किया। उस वक्त परिजनों का हाल तो बेहाल था ही, गांव से गए अन्य लोग काफी मर्माहत नजर आए।
बड़े भाई ने पिता को दी मासूम को दूसरे कमरे में ले जाने की जानकारी
मृत मासूम के पिता ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सोमवार की सुबह 5:20 बजे हॉस्टल सह स्कूल के संचालक तरुण कुमार उर्फ गांधी के द्वारा उनके छोटे बच्चे की तबीयत ज्यादा खराब रहने की मोबाइल फोन से सूचना दी गई और कहा गया कि कनौदी के समीप संचालित महावीर हॉस्पिटल में इलाज के लिए उसे भर्ती कराया गया है। महज 15 मिनट के भीतर पिता समेत परिवार के लोग दौड़े-दौड़े उक्त अस्पताल में पहुंचे।
वहां आईसीयू में गंभीर हालत में उनका छोटा बेटा भर्ती था। उसका गला समेत शरीर के अन्य भागों पर कटे का जख्म था। अस्पताल कर्मियों के परामर्श के बाद वे लोग अपने बेटे को पटना के कीर्ति नगर भूतनाथ रोड में संचालित मल्टी केयर हेल्थ प्वाइंट नामक अस्पताल में ले गए, जहां देखते हीं उनके बेटे को मृत घोषित कर दिया गया।
प्राथमिकी में मृत बच्चे के पिता ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उनका बड़ा बेटा भी उसी स्कूल के हॉस्टल में पहले से रह रहा था। उनके बड़े पुत्र ने उन्हें बताया कि 5 अप्रैल की रात हॉस्टल प्रबंधक सह प्रिंसिपल तरुण कुमार अपने साथ सोने के लिए उनके छोटे बेटे को लेकर चले गए थे। पिता ने सीधा आरोप लगाया है कि शव को देखने से स्पष्ट होता है कि हॉस्टल प्रबंधक और हॉस्टल के अन्य कर्मियों ने उनके बच्चे के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी।
(जहानाबाद से हिन्दुस्तान संवाददाता की रिपोर्ट)




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