जाली दस्तावेजों से जमीनों में खेल बर्दाश्त नहीं; विभाग का सिस्टम भी बदला, फुल फॉर्म में विजय सिन्हा
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने अधिकारियों साफ निर्देश दिए हैं कि भूमि से संबंधित मामलों में जाली और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर खेल अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फर्जी कागजात सामने आते ही संबंधित व्यक्ति पर आपराधिक कार्रवाई अनिवार्य होगी।

बिहार में जमीन बंटवारे, दाखिल-खारिज को लेकर अधिकारियों लापरवाही को लेकर डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने सख्त रुख अपना लिया है। उन्होने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देने के साथ ही विभाग का सिस्टम भी बदल दिया है। डिप्टी सीएम ने कहा है कि भूमि सुधार जनकल्याण संवाद के दौरान आम जनता से प्राप्त आवेदनों का त्वरित और समयबद्ध निष्पादन होगा। बिहार भूमि पोर्टल पर लागू एफआईएफओ (फर्स्ट इन फर्स्ट आउट-पहले आओ, पहले जाओ) व्यवस्था को 31 मार्च तक अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्देश दिया गया है। सरकार की प्राथमिकता है कि जनसंवाद से जुड़े मामलों का समाधान बिना अनावश्यक विलंब के किया जाए।
उन्होने कहा कि भूमि से संबंधित मामलों में जाली और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर खेल अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे नामांतरण हो, दाखिल–खारिज हो या सरकारी भूमि का मामला,फर्जी कागजात सामने आते ही संबंधित व्यक्ति पर आपराधिक कार्रवाई अनिवार्य होगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जाली दस्तावेज देने पर अंचलाधिकारी स्वयं प्राथमिकी दर्ज कराएंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही या संरक्षण को गंभीर कदाचार माना जाएगा।
जमीन माफिया, दलाल और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ डबल इंजन की सरकार की नीति स्पष्ट है कानून का कठोरतम प्रहार और शून्य सहनशीलता। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव गोपाल मीणा ने सभी अंचलाधिकारियों को पत्र लिखकर स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगर किसी भी भू-राजस्व कार्यवाही में जाली, कूटरचित अथवा मिथ्या दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की बात प्रथम दृष्टया सामने आती है,तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 के सुसंगत प्रावधानों के तहत स्थानीय थाना में अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
आगामी पांच जनवरी को भागलपुर में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जनकल्याण संवाद का आयोजन किया गया है। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा इस संवाद में आम लोगों की समस्याओं को सुनेंगे। विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल, सचिव गोपाल मीणा सहित अन्य अधिकारी भी संवाद में मौजूद रहेंगे।




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