पासपोर्ट बनाने में फर्जीवाड़े का खुलासा, 10 हजार आवेदन कैंसिल; 50 हजार तक ठगी करता है गैंग
हर साल बड़ी संख्या में श्रमिक वर्ग अरब देशों में रोजगार के लिए जाते हैं। ऐसे में श्रमिक किसी भी कीमत पर पासपोर्ट बनाने में जुट जाते हैं।

विदेश तुरंत आओ और नौकरी पाओ। पारिश्रमिक भी अच्छा मिलेगा। इसकी जानकारी मिलने के साथ ही श्रमिक वर्ग अपना पासपोर्ट बनाने में जुट जाते हैं। ऐसे में फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनाने से भी बाज नहीं आते हैं। राज्य के ऐसे 10 हजार श्रमिकों के पासपोर्ट आवेदनों को रद्द कर दिया गया है। पुलिस वेरिफिकेशन में चौकाने वाली हकीकत सामने आई तो विभाग के अधिकारी दंग रह गए।
ये लोग अवैध तरीके से विदेश जाने के लिए पासपोर्ट बना रहे थे। इनकी सारी प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई थी, लेकिन जब पुलिस सत्यापन के लिए भेजा गया तो जांच के दौरान पता चला कि श्रमिकों ने गलत कागजात देकर पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। इनमें पांच हजार तत्काल पासपोर्ट के लिए आवेदन थे। बता दें कि हर साल बड़ी संख्या में श्रमिक वर्ग अरब देशों में रोजगार के लिए जाते हैं। ऐसे में श्रमिक किसी भी कीमत पर पासपोर्ट बनाने में जुट जाते हैं।
50 हजार तक ठगी
मजदूर कई बार फर्जी एजेंट के बहकावे में आ जाते हैं। एजेंट उन्हें गलत आधार नंबर, जन्म प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर पासपोर्ट के लिए आवेदन करते हैं। इसके लिए एक श्रमिक से 20 से 50 हजार रुपये तक ठगते हैं। कई बार इसकी जानकारी श्रमिकों को नहीं होती है। ऐसे में श्रमिक फंस जाते हैं।
श्रमिकों के लिए दिशा-निर्देश जारी
श्रमिक फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनाने वाले एजेंट से बच सके, इसके लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने दिशा निर्देश जारी किया है। इसमें श्रमिकों को आगाह कर बताया गया है कि मान्यता प्राप्त एजेंट से ही पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया पूरी करें। गलत लोगों के बहकावे में आने से भविष्य में बड़ी परेशानी हो सकती है।
बिहार से हर साल बड़ी संख्या में मजदूर विदेशों में काम की तलाश में जाते हैं। तेजी से काम होने के लिए वे एजेंट के चक्कर में फंस जाते हैं जो जाली कागजात पर पासपोर्ट बनवाते हैं। ऐसे मजदूरों को विदेश में भी परेशानी होती है जिनका वीडियो भी अक्सर सामने आता है।




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