बिहार में कोसी नदी में डूबे 5 दोस्त, 3 की मौत; परिजनों में कोहराम
गांव के पांच दोस्त कोसी नदी में नहाने के लिए गए थे। नहाने के दौरान अचानक गहराई में चले जाने से तीन दोस्त डूबने लगे। वहीं दो अन्य दोस्त किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल आए और घबराकर गांव की ओर भाग गए।

बिहार के भागलपुर जिले में बिहपुर प्रखंड की हरियो पंचायत के महेशपुर गांव में रविवार को एक हादसे में तीन किशोरों की कोसी नदी में डूबने से मौत हो गई। मृत किशोरों की पहचान महेशपुर गांव के वार्ड नंबर 13 निवासी कैप्टन यादव के पुत्र लक्ष्मण कुमार (13 वर्ष), पिंटू यादव के पुत्र युवराज कुमार (14 वर्ष) उर्फ प्रीतम और शंकर शर्मा के पुत्र नयन कुमार (12 वर्ष) के रूप में की गई है। ग्रामीणों के अनुसार, रविवार की दोपहर गांव के पांच दोस्त कोसी नदी में नहाने के लिए गए थे।
नहाने के दौरान अचानक गहराई में चले जाने से तीन दोस्त डूबने लगे। वहीं दो अन्य दोस्त किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल आए और घबराकर गांव की ओर भाग गए। डूबने की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंच गए और प्रशासन को घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने तुरंत नदी थाना को सूचना दी, जिसके बाद थानाध्यक्ष केशव चंद्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने एनडीआरएफ टीम को भी सूचना दी।
एनडीआरएफ की टीम को पहुंचने में लग गए पांच घंटे
हालांकि स्थानीय लोगों ने बताया कि नवगछिया क्षेत्र में एनडीआरएफ की स्थायी टीम नहीं रहने के कारण राहत और बचाव कार्य शुरू होने में काफी देर हो जाती है। मौके पर मौजूद जिला पार्षद प्रतिनिधि चंदन भारद्वाज, हरियो पंचायत के सरपंच राजकिशोर राजपाल और पूर्व मुखिया पवन कुमार साह ने बताया कि यदि नवगछिया में एनडीआरएफ की टीम रहती तो बचाव कार्य जल्द शुरू हो सकता था। उन्होंने कहा कि जिले से टीम आने में काफी समय लग जाता है, जिसके कारण कई बार शव को ढूंढ़ने में भी कठिनाई होती है। उन्होंने बताया कि इस घटना में भी एनडीआरएफ की टीम करीब पांच घंटे बाद मौके पर पहुंची।
एसडीओ के हस्तक्षेप के बाद एनडीआरएफ टीम पहुंची
हरियो पंचायत के सरपंच राजकिशोर राजपाल ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने बिहपुर अंचलाधिकारी को कई बार फोन किया, लेकिन उनका कॉल रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद नवगछिया के एसडीओ रोहित कर्दम को घटना की सूचना दी गई। एसडीओ के हस्तक्षेप के बाद एनडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची और नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने तीनों किशोरों के शव को नदी से बरामद कर लिया। इधर, घटना की सूचना मिलते ही पूरे महेशपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृत किशोर के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और हर घर में मातम का माहौल बना हुआ है। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा होकर पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते रहे।




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