बाथरूम में परीक्षार्थी, स्कॉर्पियो में सॉल्वर; सिपाही चालक परीक्षा में फर्जीवाड़ा, 3 मुन्नाभाई धराए
बिहार में चालक सिपाही भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। अधिकारी बनकर आए गैंग के लोगों ने परीक्षार्थी को बाथरूम में बंद कर दिया। और स्कॉर्पियो में सॉल्वर पेपर सॉल्व कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला डेहरी के डीएवी कटार परीक्षा केंद्र का है।

सासाराम जिले में चालक सिपाही परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग मजिस्ट्रेट बनकर परीक्षा केंद्र में घुसा और एक परीक्षार्थी को सहायता पहुंचाने का असफल प्रयास किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गैंग के तीन लोगों के साथ परीक्षार्थी को भी मौके से गिरफ्तार किया है। मामला डेहरी के डीएवी कटार परीक्षा केंद्र का है। इस संबंध में गुरूवार को आयोजित प्रेस वार्ता में डेहरी के एएसपी अतुलेश झा ने बताया कि 10 दिसंबर को आयोजित चालक सिपाही परीक्षा के दौरान सूचना प्राप्त हुई थी कि डीएवी कटार परीक्षा केंद्र पर एक व्यक्ति अपने आप को वरीय कोषागार अधिकारी बताकर परीक्षा केंद्र गया हुआ है। जिसकी गतिविधियां संदिग्ध है।
सूचना प्राप्त होते ही मामले की जांच कराई गई एवं कथित वरीय कोषागार पदाधिकारी अशोक कुमार, विकास भवन, पटना को हिरासत में लिया गया। उसके कागजातों की जांच की गई तो सभी कागजात और परिचय पत्र फर्जी पाये गए। जिसके बाद उससे इस संबंध में गहन पूछताछ की गई। अशोक कुमार ने बताया कि परीक्षा केंद्र के कमरा नंबर छह में एक अभ्यर्थी विकास को परीक्षा में मदद पहुंचाने के लिए फर्जी वरीय कोषागार पदाधिकारी बनकर पहुंचा। उसके साथ उसका चालक और एक अन्य व्यक्ति भी इस फर्जीवाड़ा में उनके सहयोगी के रूप में शामिल हैं।
जो परीक्षा केंद्र के अंदर ही स्कार्पियो गाड़ी में बैठे हैं। परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी विकास कुमार को उसने चालाकी से नकल करने की बात कह कर ओएमआर और प्रश्न पुस्तिका के साथ उसे कमरे से निकालकर बाथरूम में पहुंचा दिया था। उससे प्रश्न पुस्तिका और ओएमआर सीट लेकर स्कार्पियो में बैठे अपने साथियों को दे दी। प्रश्नपत्र हल कराकर उसे फिर से विकास कुमार को दिया था। उसे ओएमआर सीट भरने को कहा गया था। लेकिन इस बीच पोल खुल गई और सभी पकड़े गए।
एएसपी ने बताया बाथरूम में बंद अभ्यर्थी जहानाबाद निवासी विकास कुमार को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद स्कार्पियो गाड़ी में बैठे दो व्यक्ति संतोष कुमार और ललेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार परीक्षार्थी विकास कुमार ने बताया कि परीक्षा पास कराने अशोक कुमार से दस लाख में बात तय हुई थी, जिसमें ढाई लाख का भुगतान भी कर दिया गया।
एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अशोक कुमार महेंद्रू पटना में कोचिंग शिक्षक है। वो मधुबनी के जयनगर के रामप्रित सिंह का पुत्र है। जबकि सॉल्वर संतोष कुमार जहानबाद के सुलेमानपुर का रहने वाला है। स्कार्पियो चालक ललेंद्र कुमार जहानाबाद के घोषी का निवासी है। एएसपी ने बताया कि इनके पास से स्कार्पियो, तीन मोबाइल, फर्जी पहचान पत्र और फर्जी आदेश पत्र बरामद किया गया है। स्कार्पियों पर जिला प्रशासन रोहतास लिखा था। इनके आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है।




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