पेपर लीक केस: EOU की रिमांड पर संजय कुमार खोलेगा राज? संजीव मुखिया गिरोह के मेंबर पर शिकंजा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक संजय कुमार प्रभात के पास से बरामद हुए दो मोबाइल फोन का कॉल डिटेल्स भी निकाला जा रहा है। उससे पूछताछ में ईओयू को बीपीएससी-टीआरई-3 समेत कई परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले नेटवर्क की जानकारी मिलने की संभावना है।

पटना से पकड़े गए परीक्षा माफिया संजय कुमार प्रभात पर अब आर्थिक अपराध शाखा शिकंजा कसेगा। कई राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक कराने के आरोपित संजय कुमार प्रभात को आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) रिमांड पर लेगी। ईओयू ने इसके लिए विशेष कोर्ट में आवेदन किया है। इसके साथ ही ईओयू ने संजय कुमार प्रभात से जुड़ी जानकारी को लेकर उत्तराखंड, तेलंगाना और दिल्ली पुलिस से भी संपर्क साधा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक संजय कुमार प्रभात के पास से बरामद हुए दो मोबाइल फोन का कॉल डिटेल्स भी निकाला जा रहा है। उससे पूछताछ में ईओयू को बीपीएससी-टीआरई-3 समेत कई परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले नेटवर्क की जानकारी मिलने की संभावना है।
संजीव मुखिया गिरोह के सक्रिय सदस्य संजय को मंगलवार को गिरफ्तारी के बाद जेल भेज दिया गया था। राज्य में परिवहन विभाग के तहत प्रवर्तन अवर निरीक्षक की नियुक्ति की परीक्षा 14 दिसंबर को होगी। ईओयू के अनुसार, गिरफ्तार संजय बीपीएससी द्वारा 15 मार्च 2024 को आयोजित टीआरई-3 परीक्षा के पेपर लीक मामले का वांछित रहा है।
वह शेखपुरा के शेखोपुर सराय निवासी रामलखन प्रसाद का पुत्र है। इसका पेपर लीक कांडों में आपराधिक इतिहास रहा है। तेलंगाना स्टेट इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर एवं मेडिकल कॉमन इंट्रेंस टेस्ट 2016 तथा ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट परीक्षा 2016 के पेपर लीक का अभियुक्त है। इन मामलों की जांच हैदराबाद सीआईडी और उत्तराखंड नैनीताल स्थित रामनगर थाने की पुलिस कर रही है।




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