रजिस्ट्रार अमरेंद्र के छपरा में पैतृक आवास पर ईओयू का छापा, पटना और सुपौल में भी पड़ी रेड
रजिस्ट्रार अमरेंद्र कुमार के सुपौल, पटना और छपरा के मढ़ौरा स्थित पैतृक आवास पर ईओयू टीम ने बुधवार को एक साथ छापेमारी की। सुपौल जिले में तैनात रजिस्ट्रार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है।

बिहार के सारण (छपरा) जिले के मढ़ौरा में बुधवार सुबह उस समय हलचल तेज हो गई, जब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने सुपौल जिले में तैनात रजिस्ट्रार अमरेंद्र कुमार के पैतृक आवास पर छापेमारी की। अमरेंद्र के गौरा थाना क्षेत्र के जवईनियां गांव स्थित आवास पर टीम ने तलाशी ली। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के दर्ज मामले के तहत की गई, जिसकी जांच पटना स्थित आर्थिक अपराध इकाई द्वारा की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ईओयू की टीम पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार के नेतृत्व में पटना से यहां पहुंची। छापेमारी एक साथ पटना, सुपौल और मढ़ौरा के जवईनियां गांव में कई ठिकानों पर की गई। स्थानीय स्तर पर इस अभियान में गौरा थाना, मढ़ौरा थाना पुलिस और क्यूआरटी टीम के जवान भी शामिल रहे, जिन्होंने पूरे ऑपरेशन को सुरक्षा और समन्वय प्रदान किया।
करीब तीन घंटे तक चली इस छापेमारी के दौरान जवईनियां स्थित उक्त रजिस्ट्रार के पैतृक घर से कोई विशेष बरामदगी नहीं हो सकी। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार पटना और सुपौल स्थित अन्य ठिकानों से जमीन के कागजात, नकदी और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।
डीएसपी सुनील कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि बरामद दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और मामले की गहन पड़ताल जारी है। ग्रामीणों के बीच इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अमरेंद्र कुमार का गांव में आना-जाना सीमित रहता है और वे ज्यादातर पटना या सुपौल में ही रहते हैं। हालांकि, उनका पैतृक घर गांव में काफी सुसज्जित और व्यवस्थित बताया जाता है।

छापेमारी की खबर फैलते ही इलाके में उत्सुकता और चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया। लोग अपने अपने हिसाब से अलग-अलग कयास लगाने में जुटे हुए हैं और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल, ईओयू की टीम द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में आगे की जांच जारी है, जिससे आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।




साइन इन