अवैध खनन में राजद के पूर्व विधायक अरुण यादव और पत्नी के खिलाफ चार्जशीट, ईडी ने कोर्ट में क्या बताया
ईडी ने 27 फरवरी 2024 को अरुण यादव और किरण दुर्गा कॉन्ट्रैक्टर्स से जुड़े ठिकानों पर छपेमारी की थी। जांच में यह भी सामने आया कि अवैध रूप से अर्जित धन को नकद जमा, डेयरी और पशुपालन के जरिये अधिक आय दिखाई गई।

राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व विधायक अरुण यादव और उनकी पत्नी किरण देवी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में संदेश के पूर्व राजद विधायक अरुण यादव उर्फ अरुण कुमार सिंह, उनकी पत्नी किरण देवी, राजेश कुमार रंजन, दीपु कुमार तथा किरण दुर्गा कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया है। इस संबंध में ईडी ने मंगलवार को पटना के पीएमएलए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने अवैध बालू खनन, भ्रष्टाचार और अन्य आपराधिक गतिविधियों के जरिए अवैध धन अर्जित किया और उसे छिपाकर संपत्तियों में निवेश किया। अरुण यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2024-25 के बीच लगभग 39.31 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की, जबकि उनकी वैध आय करीब 2.65 करोड़ रुपये ही थी। इस प्रकार 36.66 करोड़ रुपये की संपत्ति आय से अधिक पाई गई।
ईडी ने 27 फरवरी 2024 को अरुण यादव और किरण दुर्गा कॉन्ट्रैक्टर्स से जुड़े ठिकानों पर छपेमारी की थी। जांच में यह भी सामने आया कि अवैध रूप से अर्जित धन को नकद जमा, डेयरी और पशुपालन के जरिये अधिक आय दिखाई गई। साथ ही कंपनी के माध्यम से इसे घुमाकर वैध दिखाने की कोशिश की गई। फिर उस धन से कृषि भूमि, फ्लैट और पटना में व्यावसायिक भूखंड सहित कई अचल संपत्तियां खरीदी गईं।
21.38 करोड़ की संपत्ति जब्त हुई थी
ईडी ने जांच के दौरान 21.38 करोड़ की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। बाद में धन शोधन अधिनियम के निर्णायक प्राधिकरण ने भी इसकी पुष्टि कर दी। यह जांच बिहार पुलिस और विशेष सतर्कता इकाई द्वारा दर्ज कई प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी। इनमें धोखाधड़ी, रंगदारी, अवैध बालू खनन जैसे आरोप लगाए गए थे।
यहां बता दें कि ईडी ने वर्ष 2024 में पूर्व विधायक के खिलाफ काली कमाई को लेकर केस दर्ज करने की अनुशंसा एसवीयू के डीजीपी से की थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद ईडी ने अपने स्तर से इसकी जांच-पड़ताल शुरू की थी। उसी साल 27 फरवरी को ईडी ने अरुण यादव और किरण देवी के आरा के अगियांव और पटना स्थित अलग-अलग ठिकानों पर रेड मारी थी। 9 अक्तूबर को ईडी ने उनके बैंक खातों में जमा करीब 20 करोड़ रुपये के अलावा प्लॉट, महलनुमा घर, और पटना के गोला रोड में मौजूद 5 फ्लैट समेत कुछ अन्य संपत्तियों को जब्त कर लिया था।




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