टेंडर घोटाला: बुडको का ठेका लेने वाली 15 कंपनियां ईडी की रडार पर, भ्रष्ट रिशु श्री से कनेक्शन
टेंडर घोटाला: आरोप है कि इनमें से कुछ कंपनियों के ब्लैक लिस्टेड या डिबार होने के बावजूद भी करोड़ों रुपये के ठेके दिये गए। जांच के मुताबिक इन कंपनियों ने गलत दस्तावेजों के आधार पर टेंडर हासिल किए। बुडको एवं विभाग के तत्कालीन अधिकारियों के संज्ञान में यह मामला होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार मामले में 15 कंपनियां केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रडार पर हैं। जांच एजेंसी को आशंका है कि इन कंपनियों को भ्रष्ट तरीके से ठेके का आवंटन किया गया। ईडी के मुताबिक, इन कंपनियों को नगर विकास एवं आवास विभाग की एजेंसी बुडको (बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम) ने सबसे अधिक काम दिया। इनके अलावा जल संसाधन विभाग और भवन निर्माण विभाग से भी इनको काम मिले। ऐसे में जांच एजेंसी इन कंपनियों के प्रबंधन और शेयर होल्डरों का पता लगा रही है।
रिशु श्री प्रकरण से इन कंपनियों का जुड़ाव
ईडी ने जून 2025 में ही इन कंपनियों को चिह्नित करते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग से इनको मिले ठेकों की रिपोर्ट मांगी थी। इनमें रिलायबल एंटरप्राइजेज और रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियां सीधे रिशु श्री से जुड़ी हैं। अन्य कंपनियों को भी रिशु श्री के जरिये ठेके देने की आशंका को देखते हुए ईडी ने 2016 के बाद से इन कंपनियों को मिले सभी ठेका परियोजनाओं का ब्योरा मांगा था। सूत्रों के मुताबिक ईडी इस ब्योरे के आधार पर कंपनियों के मालिक और प्रबंधन को खंगाल रही है।
आरोप है कि इनमें से कुछ कंपनियों के ब्लैक लिस्टेड या डिबार होने के बावजूद भी करोड़ों रुपये के ठेके दिये गए। जांच के मुताबिक इन कंपनियों ने गलत दस्तावेजों के आधार पर टेंडर हासिल किए। बुडको एवं विभाग के तत्कालीन अधिकारियों के संज्ञान में यह मामला होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। जांच एजेंसी इन सभी कंपनियों के दस्तावेज, पेमेंट रिकॉर्ड और टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी का सत्यापन कर रही है। ईडी की मांग पर बुडको ने इससे संबंधित रिपोर्ट भेज दी थी। सूत्रों के मुताबिक इन कंपनियों में से फिलहाल किसी कंपनी से विभाग या बुडको के स्तर पर काम नहीं लिया जा रहा है।
साक्ष्य जुटा रहीं जांच एजेंसियां
जांच एजेंसियां आरोपित अधिकारियों पर कार्रवाई से पहले पर्याप्त साक्ष्य इकट्ठा करने में जुटी हैं। रिशु श्री की गिरफ्तारी एसवीयू में दर्ज मामले (05/25) में हुई है। यह मामला ईडी की जांच रिपोर्ट पर आधारित है। ऐसे में रिशु श्री व अन्य आरोपितों के दर्ज बयान के आधार पर ईडी की रिपोर्ट का सत्यापन एसवीयू के लिए चुनौती बन गयी है। ईडी के पास रिशु श्री के साथ भवन निर्माण विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता तारिणी दास, बिहार प्रशासनिक सेवा के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी मुमुक्षु चौधरी आदि के बयान दर्ज हैं।
ठेका पाने वाली ये कंपनियां रडार पर
● रिलायबल एंटरप्राइजेज
● रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
● श्री नेस्टबिल्ड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड
● अर्बन एनवायर्नमेंटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
● साई आशीर्वाद कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड
● रीताश्री एंटरप्राइजेज
● तोशिबा वाटर सॉल्यूशंस
● केवड़िया कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड
● भुगन इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड
● जैनम कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड
● ऑर्गेनिका प्राइवेट लिमिटेड
● ऑर्गेनिका 121 प्राइवेट लिमिटेड
● जेएम एनवायरो प्राइवेट लिमिटेड
● वीए टेक वबाग प्राइवेट लिमिटेड
● ईएमएस इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड
जेल मैन्युअल के तहत होगा इलाज
इधर निगरानी कोर्ट ने सोमवार को बेऊर जेल में न्यायिक हिरासत के तहत बंद रिशु श्री को जेल मैन्युअल के तहत इलाज कराने का निर्देश दिया। आरोपित रिशु श्री के वकील ने सोमवार को निगरानी कोर्ट में एक आवेदन दायर कर इलाज के लिए समुचित व्यवस्था करने का अनुरोध किया। इस आवेदन पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद निगरानी कोर्ट ने जेल अधीक्षक को जेल मैन्युअल के तहत इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। एसवीयू ने टेंडर घोटाले के मामले में रिशु श्री को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत के तहत बेऊर जेल भेजा है।




साइन इन