फर्जी प्रमाण पत्र से दर्जनों नौकरी, बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी में एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट का खेला
प्राचार्यों के फर्जी दस्तख्त से अनुभव प्रमाणपत्र बनाये जाने का संदेह भी जताया जा रहा है। दो संबद्ध कॉलेजों के अनुभव प्रमाणपत्रों पर प्राचार्यों के जो हस्ताक्षर हैं, वह अलग-अलग हैं। बीआरएबीयू के एक शिक्षक को अप्रैल में विवि सेवा आयोग ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया था।

विश्वविद्यालय सेवा आयोग की तरफ से नियुक्त सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच में नया मामला सामने आ रहा है। कई संबद्ध और अनुदानित कॉलेजों ने यह लिखकर दिया है कि उनके यहां से सिर्फ एक और दो शिक्षकों को ही अनुभव प्रमाणपत्र जारी किये गये हैं। इसके अलावा जो अनुभव प्रमाणपत्र उनके कॉलेज के नाम के हैं, वह फर्जी हैं। आयोग के पास इन कॉलेजों के नाम पर दर्जनों अनुभव प्रमाणपत्र पहुंच गये हैं।
प्राचार्यों के फर्जी दस्तख्त से अनुभव प्रमाणपत्र बनाये जाने का संदेह भी जताया जा रहा है। दो संबद्ध कॉलेजों के अनुभव प्रमाणपत्रों पर प्राचार्यों के जो हस्ताक्षर हैं, वह अलग-अलग हैं। बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी में इस वक्त विश्वविद्यालय सेवा आयोग से नियुक्त सहायक प्राध्यपकों के अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही है। बीआरएबीयू के रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा का कहना है कि जांच के लिए एक टीम गठित है, वही इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।
चार सहायक प्राध्यापकों की निगरानी ने मांगी जानकारी
विवि सेवा आयोग से नियुक्त चार सहायक प्राध्यापकों की जानकारी निगरानी ने बीआरएबीयू से मांगी है। इनपर आयोग में गलत प्रमाणपत्र देकर नौकरी लेने का आरोप है। मामला सामने आने पर निगरानी इनकी जांच कर रही है। गलत सर्टिफिकेट देने पर बीआरएबीयू के एक शिक्षक को अप्रैल में विवि सेवा आयोग ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया था।
प्रमाणपत्र जारी, लेकिन पद सृजित नहीं
अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच में कई मामले सामने आये हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ अभ्यथियों ने कॉलेज से जो अनुभव प्रमाणपत्र दिए हैं, वह पद कॉलेज में सृजित ही नहीं है। इसके अलावा बिना विज्ञापन जारी हुए कई अभ्यर्थियों के अतिथि शिक्षक के अनुभव प्रमाणपत्र दिए गए हैं। कुछ शिक्षकों ने रिसोर्स पर्सन के अनुभव प्रमाणपत्र दिए हैं।
13 सहायक प्राध्यापकों के प्रमाणपत्रों पर शक
बीआरएबीयू में नौकरी पाने वाले 13 सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाणपत्रों पर शक है। इनमें होमसाइंस और अंग्रेजी के ज्यादातर शिक्षक हैं। सात सदस्यीय कमेटी अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच कर रही है। नयी बहाली के अलावा पुराने काम कर रहे सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच के लिए भी विवि प्रशासन ने विवि सेवा आयोग को लिखा है। कितने शिक्षकों को अनुभव प्रमाणपत्र पर नौकरी दी गई है इसका ब्योरा विश्नविद्यालय आयोग से मांगा है ताकि पुराने सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच हो सके। अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर शुक्रवार को जांच कमेटी की बैठक भी हुई। बैठक में जांच कमेटी ने अभ्यर्थियों को प्रमाणित दस्तावेज लाने को कहा ताकि उन्हें योगदान कराया जा सके।




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