नीतीश को चंपारण में झटका, बाहुबली देवेंद्र दुबे की भौजाई मीना द्विवेदी ने जेडीयू छोड़ी
पूर्वी चंपारण की गोविंदगंज सीट से 3 बार विधायक रहीं मीना द्विवेदी ने नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को अलविदा कह दिया है। मीना चंपारण के बाहुबली रहे देवेंद्र नाथ दुबे की भौजाई एवं पूर्व विधायक भूपेंद्र नाथ दुबे की पत्नी हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चंपारण क्षेत्र में झटका लगा है। मोतिहारी की गोविंदगंज सीट से 3 बार विधायक रह चुकीं मीना द्विवेदी ने जेडीयू से इस्तीफा दे दिया है। मीना, चंपारण के चर्चित बाहुबली एवं माफिया डॉन रहे देवेंद्र नाथ दुबे की भौजाई हैं। उनके पति दिवंगत भूपेंद्र नाथ दुबे भी विधायक रहे थे। लंबे समय से उपेक्षित रहने के चलते मीना द्विवेदी ने जेडीयू छोड़ी। अपने अगले राजनीतिक कदम के बारे में उन्होंने खुलासा नहीं किया है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में उनके प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में जाने की अटकलें चल रही हैं।
मीना द्विवेदी ने जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को अपना त्याग पत्र भेजा। इसमें उन्होंने लिखा कि बीते कुछ समय से उन्हें एवं उनके समर्थकों को पार्टी से कोई ऊर्जा नहीं मिल रही है। इससे वे लोग जनता के हित में कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं। मीना ने कहा कि उनका परिवार नीतीश से समता पार्टी के जमाने से जुड़ा रहा। समता पार्टी के गठन के समय 7 विधायक चुनाव जीते थे, उनमें एक उनके देवर एवं बाहुबली देवेंद्र नाथ दुबे थे। उन्होंने बीते दो विधानसभा चुनावों से जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व द्वारा उनके एवं उनके समर्थकों को अनदेखा करने का आरोप लगाया।
बता दें कि पूर्वी चंपारण जिले की गोविंदगंज विधानसभा सीट पर मीना द्विवेदी के परिवार का दबदबा रहा है। उनके देवर देवेंद्र नाथ दुबे एक समय चंपारण क्षेत्र के चर्चित बाहुबली थे। 1995 में गोविंदगंज सीट से उन्होंने जेल में रहते हुए चुनाव लड़ा और जीत गए। 1998 में जब जेल से बाहर आए तो उनकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। उसके बाद हुए उपचुनाव में देवेंद्र के भाई भूपेंद्र नाथ दुबे जीतकर विधायक बने थे।
2005 में भूपेंद्र दुबे की पत्नी मीना द्विवेदी जेडीयू के टिकट पर गोविंदगंज से चुनाव जीतीं। वे लगातार तीन बार यहां से विधायक रहीं। 2015 में जब नीतीश की पार्टी जेडीयू महागठबंधन में गई तो यह सीट कांग्रेस के खाते में आ गई। कांग्रेस ने ब्रजेश कुमार को उतारा लेकिन वे लोजपा के राजू तिवारी के हाथों हार गए। 2020 में एनडीए के सीट बंटवारे में भी यह सीट जेडीयू को नहीं मिली। फिर भाजपा के सुनील मणि तिवारी यहां से विधायक बने। लगातार दो चुनावों से टिकट नहीं मिलने पर मीना द्विवेदी की नाराजगी बढ़ती गई। अब 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने पार्टी छोड़ दी।
(मोतिहारी से हिन्दुस्तान संवाददाता के इनपुट के साथ)




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