Dogs biting 27 thousand people every month in Bihar more in these districts बिहार में हर महीने 27 हजार लोगों को काट रहे कुत्ते, इन जिलों में डॉग बाइट का ज्यादा खतरा, Bihar Hindi News - Hindustan
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बिहार में हर महीने 27 हजार लोगों को काट रहे कुत्ते, इन जिलों में डॉग बाइट का ज्यादा खतरा

बिहार में बीते 4 सालों के भीतर डॉग बाइट की घटनाएं बढ़कर दो गुना हो गई हैं। हर महीने औसतन 27 हजार लोगों को कुत्ते काट रहे हैं। खासकर पटना समेत कुछ जिलों में यह समस्या गंभीर बनती जा रही है। 

Sat, 23 Aug 2025 06:49 AMJayesh Jetawat हिन्दुस्तान, ब्रजेश, पटना
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बिहार में हर महीने 27 हजार लोगों को काट रहे कुत्ते, इन जिलों में डॉग बाइट का ज्यादा खतरा

दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों पर चल रही बहस के बीच बिहार में भी डॉग बाइट की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। राज्य में कुत्ते अब पहले की अपेक्षा अधिक आक्रामक होकर हमला कर रहे हैं। बिहार स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक साल में कुत्तों के काटने की घटनाओं में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, पिछले चार सालों की तुलना में देखें तो यह आंकड़ा दोगुने को भी पार कर गया है। इस साल अब-तक औसतन हर महीने करीब 27 हजार लोग कुत्ता काटने के शिकार हुए हैं। पिछले साल 2024 में औसतन प्रति महीना 22 हजार लोगों को कुत्ते ने काटा था।

राज्य स्वास्थ्य समिति को कुत्ते काटने की सभी जिलों से प्राप्त रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आक्रामक होकर कुत्ते लोगों पर हमला कर रहे हैं। इस साल 21 अगस्त तक दो लाख 14 हजार 602 लोग इसके शिकार हुए। वहीं, वर्ष 2020 में 1.25 लाख, 2021 में 62 हजार 700, 2022 में 1.42 लाख, 2023 में 2.42 लाख और 2024 में 2.64 लाख लोगों को कुत्ते ने काटा था।

ये आंकड़े बताते हैं कि साल दर साल ऐसे घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। पैदल चलते राहगीर अथवा साइकिल और मोटर साइकिल से जा रहे लोगों को गली-सड़कों में घूम रहे कुत्ते काट ले रहे हैं। कई घटनाओं में कुत्ते के साथ खेल रहे बच्चों को भी उसने काटा है।

इन जिलों में सबसे ज्यादा डॉग बाइट का खतरा

इस साल सबसे अधिक पटना में अब-तक 20407, गोपालगंज में 18836, पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में 18035 लोग डॉग बाइट के शिकार हुए हैं। इसके अलावा नालंदा में 15222, पश्चिम चंपारण में 12672, जहानाबाद में 9738, पूर्णिया में 8889, मुजफ्फरपुर में 8725, गया में 7249 और भोजपुर में 7173 लोगों को कुत्ते ने काटा।

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वहीं, सबसे कम औरंगाबाद में 358, अरवल में 776 और खगड़िया में 921 लोग कुत्ते के शिकार हुए। अन्य जिलों में एक से लेकर 6 हजार लोग जनवरी से अगस्त तक शिकार हुए।

जख्म गहरा हो तो एंटी रैबिज सिरम भी लें

स्वास्थ्य समिति में पदस्थापित राज्य महामारी विज्ञानी डॉ. राधिका मिश्रा बताती हैं कि कुत्ते के काटने के तत्काल बाद एंटी रैबिज वैक्सीन लेना जरूरी है। वहीं, अगर काटने से गहरा जख्म हो गया है, जिससे खून बह रहा है अथवा मांस बाहर आ गया है तो एंटी रैबिज वैक्सीन के साथ एंटी रैबिज सिरम भी प्रभावित व्यक्ति को लेना चाहिए।

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जिला मुख्यालय अस्पतालों में एंटी रैबिज सिरम उपलब्ध रहते हैं। इसे एक खास तापमान पर रखना होता है, इसलिए यह जिला स्तर पर रखा जाता है, मांग के अनुरूप इसे प्रखंड में भी भेजा जाता है। एंटी रैबिज वैक्सीन प्रखंड स्तर के अस्पतालों में निरंतर उपलब्ध रहती है। खुले बाजार में एंटी रैबिज सिरम प्रति डोज की कीमत 350 रुपये हैं।

(रिपोर्ट- ब्रजेश)

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