राज्यसभा चुनाव में हार के बाद महागठबंधन में कलह, पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव को घेरा
सांसद पप्पू यादव ने कहा, ‘विपक्ष के नेता को इसकी जानकारी तो पहले भी थी। विपक्ष के नेता का दायित्व था कि वो सबसे बात करें। ना उन्होंने मेरे प्रदेश अध्यक्ष और ना ही मेरे प्रभारी और ना ही किसी अन्य लोगों से बातचीत की।’

बिहार में राज्यसभा चुनाव में मिली हार के बाद अब महागठबंधन के अंदर कलह की स्थिति पैदा होने लगी है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने इस हार को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को घेरा है। पप्पू यादव ने कहा है कि तेजस्वी यादव की जिम्मेदारी थी कि वो चुनाव को लेकर बिहार प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष से बातचीत करें लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
सांसद पप्पू यादव ने कहा, ‘विपक्ष के नेता को इसकी जानकारी तो पहले भी थी। विपक्ष के नेता का दायित्व था कि वो सबसे बात करें। ना उन्होंने मेरे प्रदेश अध्यक्ष और ना ही मेरे प्रभारी और ना ही किसी अन्य लोगों से बातचीत की। उन्होंने शीर्ष नेतृत्व से भी बातचीत नहीं की थी तो ये तो गलत है ना। विपक्ष के नेतााओं की जिम्मेदारी बनती है कि वो सबसे साथ बैठक करें, उनको बुलाएं।’
4 विधायकों ने नहीं डाला वोट
बता दें कि बिहार में सोमवार को राज्यसभा चुनाव में सभी पांच सीट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने जीत हासिल की थी। मतदान के दौरान विपक्षी महागठबंधन के चार विधायकों की गैरहाजिरी से राजनीतिक समीकरण बदल गया, जिससे राजग को निर्णायक बढ़त मिल गई। चुनाव में राजग के उम्मीदवार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रथम वरीयता के 44 वोट मिले, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को भी 44 मत प्राप्त हुए।
वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा को 42 और जदयू के रामनाथ ठाकुर को भी 42 वोट मिले। महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को केवल 37 वोट मिले। इसके बाद द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती में भाजपा के उम्मीदवार शिवेश राम की जीत के साथ ही पांचवीं सीट भी राजग के खाते में चली गई।
महागठबंधन की ओर से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने संख्या जुटाने के लिए रणनीति बनाई थी और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पांच विधायकों तथा मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एक विधायक का समर्थन भी हासिल कर लिया था। संख्याबल के इस समीकरण के बाद महागठबंधन को भरोसा था कि पांचवीं सीट उसके खाते में जाएगी, लेकिन मतदान के समय उसके चार विधायक वोट डालने नहीं पहुंचे और यहीं से पूरा समीकरण बदल गया।
मतदान से अनुपस्थित रहने वालों में कांग्रेस के तीन विधायक वाल्मीकिनगर से सुरेंद्र कुशवाहा, फारबिसगंज से मनोज विश्वास और मनिहारी से मनोहर सिंह जबकि राजद के ढाका से विधायक फैजल रहमान शामिल हैं। इन चार वोटों की कमी ने महागठबंधन की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और राजग को निर्णायक बढ़त मिल गई।
क्या बोले तेजस्वी यादव
महागठबंधन ने चुनाव परिणाम को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजद नेताओं का कहना है कि उनके विधायकों को खरीद लिया गया या उन्हें मतदान से दूर रखने की साजिश रची गई। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने परिणाम के बाद कहा कि उनके चार विधायक मतदान नहीं कर सके और पूरे बिहार को पता है कि ऐसा क्यों हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धनबल और सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल करती है, जिसके कारण यह परिणाम सामने आया। राजद उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह ने भी आरोप लगाया कि चुनाव में बड़े पैमाने पर खरीद-फरोख्त हुई है और सत्ता का दुरुपयोग किया गया। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए धनबल का इस्तेमाल किया गया, जिससे चुनाव का परिणाम प्रभावित हुआ।




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