deepak prakash new minister of bihar son of upendra kushwaha बिना चुनाव लड़े ही नीतीश के मंत्री बन गए दीपक प्रकाश, 'लव-कुश पावर' का कमाल, Bihar Hindi News - Hindustan
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बिना चुनाव लड़े ही नीतीश के मंत्री बन गए दीपक प्रकाश, 'लव-कुश पावर' का कमाल

खास बात यह है कि एक ऐसे व्यक्ति को भी शपथ दिलाई गई है जो इस बार चुनाव नहीं लड़े थे। इनका नाम है दीपक प्रकाश। नाम से आपने भले ही ना पहचाना हो, लेकिन आप इनके पिता को जरूर जानते हैं और वह हैं उपेंद्र कुशवाहा।

Thu, 20 Nov 2025 02:45 PMSudhir Jha लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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बिना चुनाव लड़े ही नीतीश के मंत्री बन गए दीपक प्रकाश, 'लव-कुश पावर' का कमाल

नीतीश कुमार ने गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार के साथ 26 मंत्रियों ने भी पद और गोनीयता की शपथ ली है। मंत्रिमंडल में इस बार कई नए चेहरों को भी शामिल किया गया है। खास बात यह है कि एक ऐसे व्यक्ति को भी शपथ दिलाई गई है जो इस बार चुनाव नहीं लड़े थे। इनका नाम है दीपक प्रकाश।

दीपक प्रकाश को उनके नाम और तस्वीर से भले ही आपने ना पहचाना हो, लेकिन उनके पिता को अच्छी तरह पहचानते होंगे। दीपक प्रकाश बिहार के बड़े नेता उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। कुशवाहा अपने ‘लव-कुश’ समीकरण के लिए जाने जाते हैं। दरअसल, ओबीसी कुर्मी समुदाय और ओबीसी कुशवाहा (कोइरी) समूह को एक साथ 'लव-कुश' कहा जाता है। इनकी बिहार में अच्छी आबादी है और उपेंद्र कुशवाहा को इस वर्ग का सबसे प्रमुख नेता माना जाता है।

दीपक प्रकाश के बारे में उनके पिता उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि वह कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग कर चुके हैं और एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर चुके हैं। अब वह एमएनसी की नौकरी छोड़कर राजनीति में सक्रिय हो गए हैं।

एनडीए के सहयोगी के रूप में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) ने इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है। पार्टी को छह सीटें मिली थीं जिसमें से चार जीतने में कामयबा रही। हालांकि, उपेंद्र कुशवाहा ने मंत्री पद के लिए अपने विधायकों की बजाय बेटे पर भरोसा जताया है, जो इस समय किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। उन्हें अगले छह महीने में विधानपरिषद या विधानसभा का सदस्य बनना होगा।

आरएलएम को किन सीटों पर मिली है जीत

आरएलएम को बाजपट्टी, मधुबनी, सासाराम और दीनारा सीट से जीत मिली है। बाजपट्टी में रामेश्वर कुमार महतो ने 3395 वोट से जीत हासिल की तो मधुबनी में माधव आनंद को 20552 वोटों के अंतर से जीत मिली। वहीं सासाराम से लड़ीं उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता ने 25 हजार के अधिक मार्जिन से और दिनारा में आलो कुमार सिंह ने 10834 वोट से सीट पर कब्जा जमाया।

पत्नी विधायक और बेटा मंत्री

राज्य सभा सासंद उपेंद्र कुशवाहा ने 20 फरवरी 2023 को नई पार्टी का गठन किया था। पहली बार विधानसभा चुनाव मैदान में उतरी आरएलएम को नीतीश कैबिनेट में एक मंत्री पद मिला है। उपेंद्र कुशवाहा ने 2013 में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) की स्थापना की थी, जिसे उन्होंने 2021 में जनता दल (यूनाइटेड) में विलय कर दिया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने अब अपने बेटे को सियासत में स्थापित करने के लिए मंत्री पद दिया है तो उनकी पत्नी भी विधानसभा में मौजूद रहेंगी।

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