नीतीश कैबिनेट की आखिरी मीटिंग की तारीख आ गई, अगले दिन नए सीएम ले सकते हैं शपथ
14 अप्रैल को नीतीश कुमार ने कैबिनेट की मीटिंग बुलाई है। यह उनकी आखिरी कैबिनेट बैठक होगी। नीतीश कुमार इस दिन अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
Nitish Last Cabinet Meeting: बिहार की राजनीति में 20 साल पुराने नीतीश युग की पूर्णाहुति होने वाली है। 14 अप्रैल इस दिशा में एक ऐसी तारीख होगी जिसे इतिहास के पन्नों में दर्ज किया जाएगा। सीएम नीतीश कुमार ने इस दिन कैबिनेट सहयोगियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है जो उनकी अंतिम कैबिनेट होगी। इसमें कई एजेंडों फैसले लिए जाएं। इस बैठक के बाद वे अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। अगले दिन 15 अप्रैल को बिहार के नए मुख्यमंत्री अपना कार्यभार संभाल सकते हैं।
सरकार के करीबी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कैबिनेट की बैठक से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। 14 अप्रैल को उनकी जयंती है। इसके बाद वे कैबिनेट की बैठक में शामिल होंगे। यह भी बताया जा रहा है कि इस अहम बैठक में वे अपने छूटे हुए एजेंडों को पास करवा सकते हैं। मीटिंग के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि इस्तीफे और नए सीएम के शपथ ग्रहण को लेकर अभी कुछ तय नहीं है। केवल कैबिनेट मीटिंग की अधिसूचना जारी की गई है।
नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी। उसी दिन वे पटना लौट आए। उससे पहले दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि अब वहीं रहेंगे। यह भी बताया कि अब वे सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे। जदयू के नेताओं ने साफ कर दिया कि अगले मुख्यमंत्री बीजेपी से बनेंगे। बीजेपी विधायक दल के नेता के चयन की कवायद तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर्यवेक्षक बनकर 14 अप्रैल को पटना आ रहे हैं। बीजेपी के बाद एनडीए के घटक दल जदयू, लोजपा आर, हम और रालोमो के विधायकों की बैठक करके सीएम फेस पर सहमति ली जाएगी। 15 अप्रैल को नई सरकार आकार लेगी। संभावित स्थल लोक भवन बताया जा रहा है लेकिन बापू सभागार को स्पेयर रखा गया है।
मुख्यमंत्री की रेस में कई नेता शामिल हैं पर सबसे आगे सम्राट चौधरी का नाम चल रहा है। समृद्धि यात्रा के दौरान नीतीश कुमार ने कई बार जनसभाओं के दौरान नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी की तारीफ की। कयास लगाए जा रहे हैं कि सम्राट ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं। हालांकि, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, वरिष्ठ नेता विजय सिन्हा और पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी भी इस दौड़ में शामिल है। इस बीच जदयू कार्यकर्ताओं की ओर से नीतीश की कुर्सी पर उनके बेटे निशांत कुमार को बैठाने की मांग की जा रही है।




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