साइबर शातिरों ने डीआईजी को भी नहीं छोड़ा, हरकिशोर राय का फेसबुक अकाउंट बना मांग रहे रुपए
पुलिस को पता चला कि डीआईजी के नाम का उपयोग कर लोगों को मैसेंजर के माध्यम से पैसे की मांग साइबर अपराधियों के द्वारा की जा रही है।

बिहार में साइबर फ्रॉड करने वाले शातिरों के इरादे बुलंद हैं। आईएएस-आईपीएस पदाधिकारियों को भी निशाना बनाने से नहीं चुकते। चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय के फोटो का प्रयोग कर साइबर अपराधियों ने फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों को ठगने का प्रयास किया है । इस मामले में साइबर थाना के इंस्पेक्टर राजीव कुमार की शिकायत पर साइबर थाना में फेस बुक आईडी धारक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है ।
साइबर थाना के डीएसपी गौतम शरण ओमी ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। घटना में शामिल दोषियों को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा । एफआईआर में इंस्पेक्टर ने बताया है कि इंटरनेट के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि पिछले कुछ दिनों से चंपारण रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक हरकिशोर राय का फोटो और प्रोफाइल का उपयोग कर हरकिशोर राय आईपीएस नाम से एक फर्जी फेसबुक आईडी बनाया गया है। डीआईजी के नाम का उपयोग कर लोगों को मैसेंजर के माध्यम से पैसे की मांग साइबर अपराधियों के द्वारा की जा रही है।
कुछ लोगों से फर्नीचर खरीदने के नाम पर पैसे की मांग अपराधियों के द्वारा किया गया है। अज्ञात साइबर अपराधियों की इस करतूत से डीआईजी की छवि धूमिल हो रही है। वही आम जनों को वित्तीय नुकसान भी हो सकता है। एफआईआर में इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने कहा है कि पूर्व में भी डीआईजी के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर वित्तीय साइबर अपराध करने की कोशिश की गई थी।
उन्होंने बताया कि फेक फेसबुक आईडी बनाकर धोखे से लोगों तथा उनके जानने वालों को ठगी का शिकार करना, फोटो और नाम की चोरी कर फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाना गंभीर अपराध है। इस मामले में डीआईजी के द्वारा भी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
बिहार में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की फेक आईडी से ठगी की कोशिश की गयी है।




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