अशोक चौधरी के आवास पहुंचे कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, राज्यसभा चुनाव में वोटिंग से थे गायब
सुरेंद्र कुशवाहा ने राज्य सभा चुनाव में महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह के लिए वोटिंग नहीं की। 16 मार्च को हुए चुनाव में सुरेंद्र कुशवाहा वोट डालने पहुंचे ही नहीं थे। बिहार कांग्रेस अनुशासन समिति ने कुशवाहा को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।

Bihar Politics: बिहार की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर पटना से है। कांग्रेस के विधायक(बागी) सुरेंद्र कुशवाहा रविवार को अचानक जदयू नेता और नीतीश सरकार में ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी के आवास पर पहुंच गए। सुरेंद्र कुशवाहा ने राज्य सभा चुनाव में महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह के लिए वोटिंग नहीं की। 16 मार्च को हुए चुनाव में सुरेंद्र कुशवाहा वोट डालने पहुंचे ही नहीं थे। बिहार कांग्रेस अनुशासन समिति ने कुशवाहा को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। कांग्रेस के बागी विधायक का जदयू के नेता से मिलने पर सियासी पारा हाई हो गई है क्योंकि पिछले दिनों उपेंद्र कुशवाहा समेत जदयू के कई नेताओं ने दावा किया था कि महागठबंधन के कई विधायक एनडीए नेताओं के संपर्क में हैं।
सुरेंद्र कुशवाहा जब अशोक चौधरी के गेट पर पहुंचे तो वहां मीडिया कर्मी भी पहुंच गए। बात करने की काफी कोशिश की पर वे राजी नहीं हुए। कुशवाहा थोड़ा असहज महसूस कर रहे थे। अपनी पार्टी से नोटिस मिलने के बाद विधायक का विरोधि जदयू के नेता से मिलना सामान्य बात नहीं है। राजनैतिक गलियारे में खलबली मच गई है। उन्होंने अभी तक पार्टी की नोटिस का जवाब भी नहीं दिया है। सुरेंद्र कुशवाहा वाल्मीकिनगर के विधायक हैं।
16 मार्च को कुशवाहा के साथ साथ कांग्रेस के दो अन्य विधायकों मनोज विश्वास और मनोहर प्रसाद ने भी वोड नहीं डाला। सबने अपना अपना मोबाइल भी स्वीच ऑफ कर लिया था। अगले दिन सबने बहाना बना दिया था। सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा था कि राजद ने उनके प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम का सम्मान नहीं किया इस वजह से राजद के उम्मीदवार को वोट नहीं दिया। गठबंधन धर्म निभाते हुए विपक्षी को भी वोट नहीं दिया था। मनोज विश्वास और मनोहर प्रसाद ने भी ऐसा ही बहाना बना दिया था। इनके साथ राजद के एक विधायक फैसल रहमान ने भी वोट नहीं डाला था। उन्होंने मां की बीमार में व्यस्त होनेे का बहाना बना कर सफाई दी थी। इन चारों के वोटिंग से गायब रहने का फायदा एनडीए को मिला। एनडीए के पांचवें उम्मीदवार जीवेश राम भी जीत गए और महागठबंधन के कैंडिडेट अमरेंद्रधारी सिंह दूसरी बार राज्यसभा जाने से वंचित रह गए।
मंत्री अशोक चौधरी के आवास पर दोनों के बीच लंबी बात हुई। इसके बाद सियासी चर्चा का बाजार गर्म हो गया है। इस संबंध में पूछे जाने पर विधायक सुरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि क्षेत्र के काम के सिलसिले में मंत्री अशोक चौधरी से बात करने गया था। इसका कोई और मतलब नहीं है। कोई इसका सियासी अर्थ निकाले तो हम क्या कर सकते हैं।




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