बिहार चुनाव: महागठंबधन में अभी सीट शेयरिंग पर नहीं बनी बात, माकपा ने इन 11 सीटों पर ठोकी दावेदारी
बिहार विधानसभा चुनाव: बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में माकपा का स्ट्राइक रेट 50 प्रतिशत रहा था। पार्टी ने चार सीटों- विभूतिपुर, मांझी, पिपरा और मटिहानी में चुनाव लड़ा था और इनमें से दो जीतने में कामयाब रही थी। माकपा का वोट प्रतिशत 0.65 रहा था। पार्टी को इस बार 11 सीटों पर जीत की उम्मीद है।
बिहार विधानसभा चुनाव: बिहार में चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल है। महागठबंधन के घटक दलों के बीच अब तक सीट शेयरिंग की बात फाइनल नहीं हुई है। इस बीच सीपीआई (एम) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने इंडिया गठबंधन में 11 सीटों पर दावेदारी की है। इन सीटों में विभूतिपुर, मांझी, पिपरा (मोतिहारी), मटिहानी, बहादुरपुर, मोहिउद्दीन नगर, बिस्फी, महिषी, नौतन, पूर्णिया और परबत्ता शामिल हैं। वर्तमान में विभूतिपुर से अजय कुमार और मांझी से सत्येंद्र यादव माकपा विधायक हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में माकपा का स्ट्राइक रेट 50 प्रतिशत रहा था। पार्टी ने चार सीटों- विभूतिपुर, मांझी, पिपरा और मटिहानी में चुनाव लड़ा था और इनमें से दो जीतने में कामयाब रही थी। माकपा का वोट प्रतिशत 0.65 रहा था। पार्टी को इस बार 11 सीटों पर जीत की उम्मीद है।
पार्टी नेताओं की मानें तो, माकपा की मौजूदगी से इंडिया गठबंधन के घटक दलों को उन सीटों पर लाभ होगा, जहां पार्टी की मौजूदगी तो है किंतु वहां उम्मीदवार दूसरे दलों के रहेंगे। विधानसभा चुनाव को लेकर माकपा ने पहले ही जमीनी स्तर पर अपनी तैयारी शुरू कर दी थी। अपने प्रभाव वाली इन सीटों पर कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन कर चुकी है।
इन कार्यकर्ता सम्मेलनों में माकपा के शीर्ष नेतृत्व में शामिल दो पोलित ब्यूरो सदस्य ए. विजय राघवन और अशोक धावले शामिल हुए थे। दोनों ने मिलकर इन सभी सीटों पर कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाया है। पार्टी ने इन सीटों पर बूथ कमेटी भी गठित कर ली है, ताकि सीट की घोषणा होने पर वोटों की गोलबंदी तेज की जाए।




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