clerk of Panchayati Raj Department dead after brain haemorrhage in office Exploitation allegations of officers मां की मौत और बीवी की डिलेवरी में भी नहीं मिल रही थी छुट्टी, पंचायती राज विभाग के लिपिक की मौत पर बवाल; अफसरों पर इल्जाम, Bihar Hindi News - Hindustan
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मां की मौत और बीवी की डिलेवरी में भी नहीं मिल रही थी छुट्टी, पंचायती राज विभाग के लिपिक की मौत पर बवाल; अफसरों पर इल्जाम

  • मृतक कर्मी के भाई राहुल और साला दीपक ने आरोप लगाया कि वरीय अधिकारियों के दबाव के कारण वह हमेशा तनाव में रहते थे। उनसे 20 दिन में 20 बार जवाब तलब किया गया था। वेतन काटने के साथ ही उन्हें बार-बार निलंबित करने की धमकी दी जा रही थी। तनाव में कारण उनकी मौत हुई है।

Wed, 12 March 2025 06:26 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि, पटना
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मां की मौत और बीवी की डिलेवरी में भी नहीं मिल रही थी छुट्टी, पंचायती राज विभाग के लिपिक की मौत पर बवाल; अफसरों पर इल्जाम

पटना में पंचायती राज विभाग के कार्यालय में तैनात निम्न वर्गीय लिपिक राज कमल रजक (28 वर्ष) की इलाज के दौरान मंगलवार की सुबह मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही सहकर्मी आक्रोशित हो गए और कामकाज ठप कर दिया। शव को विकास भवन के गेट पर रखकर हंगामा करने लगे। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी पहुंचे। हंगामा कर रहे कर्मियों को समझाने का प्रयास देर शाम तक करते रहे, पर वह विभाग के वरीय अधिकारी को वहां बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

बताया जाता है कि अररिया के पुरैनिया निवासी बद्री रजक के पुत्र राज कमल के सहकर्मियों ने बताया कि तीन मार्च को कार्यालय में ब्रेन हेमरेज होने के कारण वह गिर गए। उसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान मंगलवार की सुबह 10.30 बजे मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही पंचायती राज विभाग सहित अन्य विभागों के सचिवालय कर्मी आक्रोशित हो गए। वरीय अधिकारियों पर शोषण और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। विकास भवन के मुख्य गेट को बंद दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। सचिवालय एसडीपीओ डॉ.अन्नू कुमारी के आदेश पर पुलिसकर्मियों ने मेन गेट पर लगाए गए ताले को तोड़ा। इसके बाद आवागमन शुरू हो सका।

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उधर, मृतक कर्मी के भाई राहुल और साला दीपक ने आरोप लगाया कि वरीय अधिकारियों के दबाव के कारण वह हमेशा तनाव में रहते थे। उनसे 20 दिन में 20 बार जवाब तलब किया गया था। वेतन काटने के साथ ही उन्हें बार-बार निलंबित करने की धमकी दी जा रही थी। तनाव में कारण उनकी मौत हुई है। आरोप लगाया कि 8 माह पहले जब मां की मृत्यु हुई तो उस समय भी उन्हें छुट्टी नहीं दी जा रही थी। दो माह पूर्व जब पत्नी की डिलेवरी होनेवाली थी तब भी छुट्टी नहीं दी जा रही थी। परिजन जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग करे रहे थे। वहीं कर्मचारी वरीय अफसरों को बुलाने की जिद पर देर शाम तक अड़े रहे। इसके बाद परिजनों को वरीय अधिकारी से मिलवाया गया। तब जाकर कर्मी शांत हुए। सचिवालय थानेदार संजीव कुमार ने बताया कि शाम छह बजे परिजन शव लेकर चले गए।

इकलौता कमाने वाला था राजकमल

पंचायती राज विभाग में तैनात राजकमल दो भाइयों में बड़ा था। उनके पिता किसान हैं। राजकमल ही परिवार के इकलौता कमाने वाला सदस्य था। छोटा भाई राहुल अभी तैयारी कर रहा है। पिछले वर्ष फरवरी 24 में उसकी शादी हुई थी। दो माह पहले एक बच्ची हुई है। आठ माह पहले मां की मौत होने के बाद उन्हीं पर परिवार को संभालने का दायित्व था।

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