अररिया में पहली बारिश में बह गया चचरी पुल, अब नाव ही सहारा; बीते साल ढह गया था करोड़ों का ब्रिज
अररिया जिले के सिकटी में पहली बारिश में पड़रिया घाट पर बना चचरी पुल बह गया। जिससे लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। छोटी नाव में बाइक सहित सारा सामान लेकर लोग नदी पार करते हैं। यह खतरे से खाली नहीं है।

बिहार में बारिश के आते ही पुलों के ढहने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। ताजा मामला अररिया जिले का है। जहां पहली बारिश में ही सिकटी प्रखंड होकर बहने वाली बकरा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से पड़रिया घाट पर बना चचरी पुल बह गया है। इसके कारण सोमवार से ग्रामीण नाव से नदी पार कर रहे हैं। बकरा नदी के पड़रिया घाट पर करोड़ों की लागत से बनी पुल पिछले साल ही ध्वस्त हो गया था। यहां अब तक पुल नहीं बना और न आगे इसकी कोई संभावना ही दिख रही है।
हालांकि स्थानीय विधायक सह बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री विजय कुमार मंडल ने बताया कि यहां आवागमन के लिए वैकल्पिक तौर पर पड़रिया से दो किलो मीटर आगे तीरा बकरा घाट पर नये पुल बनाने की प्रक्रिया जारी है। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो बरसात के बाद पुल निर्माण शुरू हो जायेगा। फिलहाल बकरा पड़रिया घाट की स्थिति इतनी खराब है कि छोटी नाव में बाइक सहित सारा सामान लेकर लोग नदी पार करते हैं। यह खतरे से खाली नहीं है।
अभी तो पानी कम रहने के कारण लोग किसी तरह नाव से नदी पार कर लेते हैं, लेकिन बाढ़ पानी आने के बाद छोटी नाव से बकरा नदी पार करना काफी मुश्किल हो जायेगा। सिकटी के बीडीओ परवेज आलम व सीओ मनीष कुमार चौधरी ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश से बकरा और नूना नदी के जलस्तर में मामूली वृद्धि हुई है। इससे यहां किसी को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है। पड़रिया घाट पर भी ध्यान है। फिलहाल चचरी पुल के ढहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।




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