BRABU से बीटेक की फर्जी डिग्री जारी? दिल्ली से भेजी गई सर्टिफिकेट, जम्मू कश्मीर और गुजरात में भी कांड
बीआरएबीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. राम कुमार का कहना है कि छात्र के डिग्री का मिलान टीआर से कराया जाएगा।आशंका जताई जा रही है डिग्री को स्कैन कर बनाया गया है।

बिहार के प्रतिष्ठित एमआईटी(इंजीनयरिंग कॉलेज) के एक छात्र की बीटेक की डिग्री के फर्जी होने का संदेह है। डिग्री सत्यापन के लिए दिल्ली से बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में भेजा गया है। प्रथम दृष्टया डिग्री का फार्मेट गलत पाया गया है। आशंका जताई जा रही है डिग्री को स्कैन कर बनाया गया है। डिग्री वर्ष 2010 की बताई जा रही है। डिग्री पर आशंका होने के बाद बीआरए बिहार विवि के परीक्षा विभाग ने इसकी छानबीन शुरू कर दी है। यह कॉलेज बिहार यूनिवर्सिटी अंतर्गत संचालित है।
बीआरएबीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. राम कुमार का कहना है कि छात्र के डिग्री का मिलान टीआर से कराया जाएगा। मिलान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकता है। इससे पहले जम्मू कश्मीर राज्य में भी बीआरए बिहार विवि की एक डिग्री फर्जी मिली थी। इस मामले में भी विवि प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि डिग्री विश्ववदिद्यालय से निकली है या कहीं अन्यत्र स्कैन कर बनाया गया है, इसका पता लगाया जा रहा है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बीआरएबीयू के नाम पर पिछले कई दिनों से फर्जी डिग्री मिलने का मामला सामने आ रहा है। जुलाई में होम्योपैथ की दो दर्जन से अधिक डिग्रियों की जांच करने गुजरात की सीआईडी की टीम बिहार विवि पहुंची थी। इससे पहले भी गुजरात में ही तीन साल पहले होम्योपैथ की कई डिग्रियां फर्जी पायी गई थीं। बीआरएबीयू में टीआर में छेड़छाड़ कर बीएड की फर्जी डिग्री बनाने का भी मामला सामने आ चुका है।
इस मामले में विवि प्रशासन ने एक जांच कमेटी गठित की थी। पूर्व में भी पंजाब, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में बीआरएबीयू के नाम पर बनी फर्जी डिग्रियां सत्यापन के दौरान पकड़ी जाती रही हैं। इन सभी मामलों में संबंधित राज्यों से टीम जांच के लिए बीआरए बिहार विवि पहुंची थी। कई बार खुलासों के बाद भी फेक डिग्री मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा।




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