BPSC TRE-4 : छात्र नेता खुशबू, सौरव और अमन हिरासत में; पटना में छात्र आंदोलन के बीच पुलिस का ऐक्शन
BPSC TRE-4: टीआरई 4 अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बीच पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात है। पुलिस ने छात्र नेता सौरव कुमार को उठा लिया है। यह भी जानकारी सामने आई है कि अशोक राजपथ को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। गांधी मैदान और उसके आसपास पुलिस मुस्तैद है।

BPSC TRE-4: बिहार में बीपीएससी टीआरई 4 के अभ्यर्थी आर-पार के मूड में हैं। परीक्षा की अधिसूचना जारी होने में देरी को लेकर अभ्यर्थियों ने हाल ही में पटना की सड़कों पर प्रदर्शन किया था। अब एक बार फिर आज यानी बुधवार को अभ्यर्थियों ने पटना में महाआंदोलन का ऐलान किया है। अभ्यर्थी सुबह 11 बजे पटना कॉलेज से एक मार्च निकलाने वाले थे। यह मार्च डाकबंगला चौराहे तक जाना है। इस प्रदर्शन से पहले पुलिस भी पूरे ऐक्शन में है। टीआरई 4 अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बीच पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात है। पुलिस ने छात्र नेता सौरव कुमार को उठा लिया है।
यह भी जानकारी सामने आई है कि अशोक राजपथ को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। गांधी मैदान और उसके आसपास पुलिस मुस्तैद है। अभी छात्रों का हुजूम प्रदर्शन करने के लिए पटना कॉलेज के पास उमड़ रही है। उतनी ही संख्या में छात्रों की भीड़ को रोकने के लिए पुलिस की तैनाती कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने आंदोलन को गति देने वाले तमाम छात्र नेताओं को पहले ही हिरासत में ले लिया है। ताकि छात्र आंदोलन में शामिल होने से पहले डर जाए। पटना कॉलेज के गेट पर छात्रों को हिरासत में लिया जा रहा है।

टाऊन डीएसपी राजेश राजन ने खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। उन्होंने बताया कुछ छात्रों को हिरासत में लिया गया है। सौरव शर्मा, पटना यूनिवर्सिटी के रिंकल यादव, अमन यादव। बिहटा से खुशबू पाठक सहित एक दर्जन को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने भी पुख्ता तैयारी की है। कारगिल चौक समेत कई इलाके पुलिस छावनी में तब्दील हो गए हैं। यहां यह भी बता दें कि कुछ ही दिनों पहले बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अभ्यर्थियों से कहा था कि उन्हें प्रदर्शन करने की जरुरत नहीं है। मिथिलेश तिवारी ने यह भी कहा था कि शिक्षक भर्ती परीक्षा की महिला अभ्यर्थियों को आंदोलन करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि राज्य सरकार उनके अधिकारों के समर्थन में मजबूती से खड़ी है। हालाांकि, छात्रों ने शिक्षा मंत्री की सलाह को भी दरकिनार कर दिया है।
पुलिसकर्मियों के महिला प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने के बारे में पूछे जाने पर शिक्षा मंत्री ने कहा था कि आंदोलन की क्या जरूरत है। हमारी बेटियां हमारी ताकत हैं और राष्ट्र की समृद्धि की आधारशिला हैं। जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद 'नारी शक्ति वंदन' के समर्थन में हैं, तो महिला अभ्यर्थियों को सड़कों पर उतरने की क्या जरूरत है। शिक्षा मंत्री ने अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया था कि टीआरई 4 भर्ती परीक्षा का शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा और अभ्यर्थी सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। मंत्री ने यह भी कहा था कि पूरी भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष होगी। बहरहाल अभ्यर्थी अब बार फिर प्रदर्शन पर अड़ गए हैं। इनकी मांग है कि पुराने पैटर्न पर बहाली करने के साथ-साथ गिरफ्तार साथियों की तुरंत रिहाई और लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बता दें कि बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 (टीआरई-4) के अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षा की अधिसूचना जारी करने में हो रही देरी के विरोध में शुक्रवार को पटना में प्रदर्शन किया था। बिहार में बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा के जरिये 46 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति किए जाने की उम्मीद है, लेकिन यह परीक्षा अप्रैल 2026 की प्रारंभिक समयसीमा के बावजूद आयोजित नहीं की गई है।
पटना में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने शुक्रवार को बल प्रयोग किया था। अभ्यर्थियों का कहना था कि उनपर लाठीचार्ज किया गया है। इस दिन अभ्यर्थियों ने बड़ी संख्या में पटना यूनिवर्सिटी से विरोध मार्च निकाला था और वे डाकबंगला चौराहा की ओर बढ़ रहे थे, इसी दौरान गांधी मैदान के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया था।
राजद ने साधा था निशाना
इधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शिक्षक अभ्यर्थियों पर बल प्रयोग किए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर निशाना साधा था और आरोप लगाया था कि सरकार युवाओं की मांगों को सुनने के बजाय उन पर लाठियां बरसा रही है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यादव ने 'एक्स' पर लिखा था कि अपने-अपने बच्चे को मंत्री बना लो, युवाओं पर लाठी चला दो
उन्होंने आरोप लगाया था कि राजग नेताओं ने अपने बच्चों को बिना किसी चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी के मंत्री बना दिया, जबकि राज्य के लाखों युवाओं से चुनाव से पहले शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 की वैकेंसी जारी करने का जो वादा किया गया था, वह पूरा नहीं किया गया।




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