बीजेपी ने हमारे 3 MLA चुरा लिए, कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने AD सिंह की हार पर दी सफाई
राजेश राम ने कहा कि उनके तीन विधायकों को बीजेपी ने चुरा लिया। कांग्रेस के विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, मनोहर प्रसाद और मनोज विश्वास ने वोटिंग में भाग नहीं लिया।

Rajya Sabha Elections 2026 Result: बिहार में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है। सभी पांच सीटों पर एनडीए के विधायकों की जीत हुई। महागठबंधन के चार विधायकों ने खेला कर दिया जिनमें कांग्रेस के तीन और राजद के एक एमएलए शामिल हैं। इस वजह से राजद प्रत्याशी अमरेंद्रधारी सिंह की हार हो गयी। कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने अपने तीन विधायकों की अनुपस्थिति पर सफाई दी है। इसे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की हार मानी जा रही है।
राजेश राम ने कहा कि उनके तीन विधायकों को बीजेपी ने चुरा लिया। कांग्रेस के विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, मनोहर प्रसाद और मनोज विश्वास ने वोटिंग में भाग नहीं लिया। इस पर राजेश राम ने कहा कि 13 मार्च के बाद से ही उनके विधायक संपर्क से बाहर होने लगे। उनके घरों पर पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया और डराया जाने लगा। उन्होंने यह भी कहा कि हॉर्स ट्रेडिंग भी की गई। हमारे विधायकों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। राजेश राम ने कहा कि बीजेपी जहां रहती है वह वोटों की चोरी करके सरकार बनाती है। कई राज्यों में बीजेपी ऐसा काम कर चुकी है। ये लोग जब वोट चोरी से नहीं जीत पाते हैं तो विधायकों को चुरा लेते हैं। इस बार भी हमारे जीते हुए प्रतिनिधियों को बीजेपी ने चुरा लिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों को प्रभावित करने के लिए कई हथकंडे अपनाती है। तरह-तरह के प्रलोभन देती रही है। पहले विधायकों को पैसे का प्रलोभन दिया जाता है, फिर उन्हें डराया-धमकाया जाता है। यदि उससे भी बात नहीं बनती तो उन्हें अगवा तक कर लिया जाता है।
बता दें कि राज्यसभा की पांच सीटों पर हुए मतदान के दौरान कांग्रेस के तीन विधायक वाल्मीकिनगर से सुरेंद्र प्रसाद, फारबिसगंज के मनोज विश्वास और मनिहारी से मनोहर सिंह अनुपस्थित रहे। सूत्रों ने बताया तीनों विधायक पटना में थे, परंतु इनके मोबाइल लोकेशन अन्य राज्य के दिखा रहे थे।
उन्होंने कहा कि इन विधायकों ने जो किया उससे लोकतंत्र शर्मसार हुआ है। इसकी रिपोर्ट जल्द ही केंद्रीय हाईकमान को भेजी जाएगी। हाईकमान पार्टी की नियमावली और सिद्धांतों के अनुरूप उचित कार्रवाई करेगा। आज जो स्थिति बनी है, वह पार्टी के लिए बड़ा झटका है। कल तक ये तीनों विधायक पार्टी नेतृत्व के संपर्क में थे, लेकिन अचानक उन्होंने ऐसा फैसला क्यों लिया, यह समझ से परे है।
दरअसल, बिहार में लगभग दो दशक से कांग्रेस राजद के कंधे पर राजनीति करती है। कांग्रेस पार्टी अपना वोट बैंक सुरक्षित नहीं रख पाई। राजद यहां बड़े भाई की भूमिका में है। इससे पहले विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे में किचकिच और कथित दोस्ताना लड़ाई के कारण महागठबंधन की करारी हार हुई। राजद की सीटें भी 75 से घटकर 25 पर पहुंच गई। राज्यसभा चुनाव में भी राजद नेता एडी सिंह की हार में आधे कांग्रेस विधायकों का हाथ रहा। राजेश राम के बयान को सफाई के तौर पर देखा जा रहा है।




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