नीतीश के बाद नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी को कुछ दिन टाल सकती है भाजपा, बिहार में क्यों हो रही ऐसी चर्चा?
भाजपा बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन और नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी को कुछ दिन टाल सकती है। राज्यसभा सांसद बनने के बाद नीतीश कुमार कुछ और दिनों तक सीएम पद पर बने रहेंगे। भाजपा के एक मंत्री से इसके संकेत मिले हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। शपथ के बाद दिल्ली से लौटने के बाद वे कभी भी सीएम पद छोड़ देंगे। इसके बाद बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। एनडीए के सूत्रों के हवाले से चल रही खबरों के अनुसार 14 अप्रैल को खरमास खत्म होने के बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी कर दी जाएगी। हालांकि, इस बीच सियासी गलियारों में एक और चर्चा चल उठी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) में नेताओं का एक खेमा संभावना जता रहा है कि बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन को कुछ दिन टाला जा सकता है।
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा नेताओं के एक तबके का मानना है कि बिहार में नई सरकार का गठन नीतीश के राज्यसभा सांसद बनने के तुरंत बाद नहीं किया जाएगा। दरअसल, अभी पश्चिम बंगाल, केरल समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। पांचों राज्यों में चुनाव होने के बाद बिहार में नेतृत्व परिवर्तन किया जाए।
भाजपा के स्थापना दिवस समारोह के दौरान सोमवार को नीतीश कैबिनेट में मौजूद पार्टी के एक वरीय मंत्री के संबोधन में इस बात का संकेत मिला। उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा के नेतृत्व में नई एनडीए सरकार निश्चित तौर पर बनेगी, लेकिन इसमें 20-25 दिन का समय लग सकता है। समारोह में मौजूद एक भाजपा नेता ने कहा कि तब तक नीतीश कुमार को ही सरकार चलाने का आग्रह किया जाएगा।
बता दें कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान गुरुवार से शुरू हो रहा है, जो 29 अप्रैल तक चलेगा। फिर 4 मई को पांचों राज्यों में मतगणना होगी।
एमएलसी पद छोड़ चुके हैं नीतीश
वहीं, बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बीते 30 मार्च को एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया था। 16 मार्च को उन्होंने राज्यसभा का चुनाव जीता था। इसलिए नियमों के अनुसार 14 दिनों के भीतर बिहार विधान परिषद की सदस्यता छोड़ना अनिवार्य था। नीतीश ने एमएलसी पद छोड़ा था, वे अभी सीएम बने हुए हैं। नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति बिना किसी सदन का सदस्य रहे भी 6 महीने तक मुख्यमंत्री पद पर रह सकता है।
राज्यसभा सांसद की शपथ 10 अप्रैल को
नीतीश कुमार के गुरुवार को दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में उनका शपथ ग्रहण होगा। दिल्ली में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात हो सकती है। शपथ लेने के बाद नीतीश वापस पटना लौट आएंगे। एनडीए के नेताओं के अनुसार, नीतीश के इस्तीफे के बाद औपचारिक रूप से नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
भाजपा से ही होगा मुख्यमंत्री, जेडीयू से डिप्टी सीएम
बिहार एनडीए में नई सरकार को लेकर आपसी सहमति बन चुकी है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा का मुख्यमंत्री बनना तय है। जेडीयू की नई सरकार में स्थिति दमदार होगी। डिप्टी सीएम का पद जेडीयू के पास रहेगा। भाजपा से सीएम कौन होगा, इस पर मंथन के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 10 अप्रैल को दिल्ली में अहम बैठक बुलाई है। इसमें बिहार के सभी वरीय पार्टी नेता भी मौजूद रहेंगे।




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