वीरपुर एयरपोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया तेज, देखें कहां-कितनी जमीन का होगा अधिग्रहण
नेपाल की सीमा से सटे सुपौल जिले के वीरपुर एयरपोर्ट के निर्माण प्रक्रिया में तेजी आई है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जिला प्रशासन को मिली रिपोर्ट के अनुसार एयरपोर्ट बनाने के लिए किसी को भी विस्थापित नहीं किया जाएगा।

बिहार के सुपौल जिले की अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े वीरपुर में उड़ान योजना के तहत बनाए जाने वाले एयरपोर्ट के निर्माण में अब तेजी आएगी। वीरपुर हवाई अड्डे के लिए जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है। इसके लिए कुल 88.834 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें वीरपुर मौजा में 24 एकड़ 87 डिसमिल, पिपराहीनाग मौजा में 44 एकड़ 77 डिसमिल और परमानंदपुर में 19 एकड़ 19 डिसमिल भूमि का स्थायी भू-अर्जन होगा।
इस संबंध में बीते 3 दिसंबर 2025 को वीरपुर हवाई अड्डा के विकास कार्य के लिए भू-अर्जन किए जाने के प्रस्ताव पर अनुग्रह नारायण सिंह समाज अध्ययन संस्थान पटना की ओर से सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) का कार्य किया गया था। इसके बाद विशेषज्ञ समूह ने 26 दिसंबर 2025 को अपने मंतव्य के साथ रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है।
रिपोर्ट के अनुसार इस परियोजना से किसी के भी विस्थापित होने की संभावना नहीं है। एयरपोर्ट के विकास के लिए प्रस्तावित भूमि का अधिग्रहण सार्वजनिक उद्देश्य से हो रहा है। साथ ही प्रावधान के अनुसार हितबद्ध रैयतों के लाभ को ध्यान में रखे जाने की रिपोर्ट में अनुशंसा भी की गई है। इस बाबत जिला भू-अर्जन कार्यालय से अधिसूचना जारी की गई है।
इधर, डीएम सावन कुमार ने बताया कि वीरपुर में एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। जमीन अधिग्रहण के लिए संबंधित सीओ को निर्देश दिया गया है। इससे वीरपुर समेत बिहार में छह जगहों पर एयरपोर्ट बनने का रास्ता साफ हो गया है। इनमें वीरपुर के अलावा मधुबनी, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, मुजफ्फरपुर और सहरसा शामिल हैं।
वीरपुर समेत इन सभी छह हवाई अड्डों को उड़ान (यूडीएएन) योजना के तहत छोटे हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने को लेकर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण नई दिल्ली व राज्य सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को स्वीकृति मिल चुकी है। इसे बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने स्वीकृत कर लिया है। इसके साथ ही अब वीरपुर के छोटे हवाई अड्डे के रूप में विकसित होने का रास्ता खुल गया है।
वीरपुर में पहले भी उतर चुके हैं विमान
वीरपुर के अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर होने के कारण इस हवाई अड्डे का महत्व काफी बढ़ जाता है। यह सुरक्षा के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। पूर्व में भी इस हवाई अड्डे पर सफलतापूर्वक प्लेन उतर चुका है। पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रा के निधन के बाद तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी के आगमन पर एक साथ छह विमान इस हवाई पट्टी पर सफलतापूर्वक उतर चुके हैं। बीते साल लोकसभा चुनाव के दौरान भी एयर एंबुलेंस इस हवाई पट्टी पर उतर चुकी है।
वीरपुर से 19 सीटर प्लेन के परिचालन की तैयारी
उड़ान योजना के तहत वीरपुर में 19 सीटर प्लेन के परिचालन की विभागीय तैयारी है। इसको लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की छह सदस्यीय टीम ने मई 2025 के आखिरी सप्ताह में वीरपुर हवाई अड्डा का निरीक्षण किया था। टीम ने वहां की भौगोलिक स्थिति, रनवे, चहारदीवारी और निर्माण से जुडे विभिन्न पहलू की बारीकी से जांच की थी। साथ ही स्थानीय अधिकारियों से बातचीत कर विस्तृत जानकारी ली थी। बता दें कि हवाई अड्डा के पूर्व से बने रनवे का 3 किलोमीटर तक विस्तार किया जाना है।




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