ना जाने कौन सी माया... राबड़ी आवास खाली होने की चर्चा से राजनीति गर्म, लालू को JDU ने आईना दिखाया
चर्चा है कि राबड़ी देवी अपना सरकारी आवास खाली कर रही हैं जहां वे पिछले 20 सालों से जमी थीं और बेटे-बेटियों की शादी भी वहीं से हुई। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि मकान खाली करने की प्रक्रिया का राजनीतिकरण किया जा रहा है।

देर रात 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी आवास से फूल के गमले और अन्य सामान निकाले जाने की तस्वीर और वीडियो आने के बाद सर्दी के मौसम में बिहार का सियासी तापमान हाई हो गया है। चर्चा है कि राबड़ी देवी अपना सरकारी आवास खाली कर रही हैं जहां वे पिछले 20 सालों से जमी थीं और बेटे-बेटियों की शादी भी वहीं से हुई। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि मकान खाली करने की प्रक्रिया का राजनीतिकरण किया जा रहा है। यह भी कहा है कि ध्यान रहे कि बंगला खाली करने में सरकारी संपत्ति का नुकसान नहीं हो। उन्होंने लालू यादव नैतिकता का आईना भी दिखाया है। गुरुवार को बीजेपी नेता नीरज कुमार ने सरकारी नोटिस का एक माह बीत जाने पर राबड़ी आवास जल्द से जल्द खाली करने की मांग की थी। बुधवार को ही रात में छोटी गाड़ियों से राबड़ी आवास कैंपस से सामान निकाले गए। चर्चा है कि इन्हें लालू यादव के गोशाला में शिफ्ट किया गया है।
आंख का ऑपरेशन कराने गए लालू प्रसाद यादव दिल्ली में हैं। उनकी धर्म पत्नी और बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी भी उन्हीं के साथ हैं। तेजस्वी यादव विदेश यात्रा पर यूरोप में हैं। इस बीच लालू परिवार को लेकर पटना में सियासी तपिश बढ़ गई है। राबड़ी आवास खाली किए जाने की चर्चा है। इस पर जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू यादव और राबड़ी देवी पर सरकारी संपत्ति पर लालच करने का आरोप लगाया है। वीडियो बयान जारी कर नीरज कुमार ने कहा है कि सरकारी बंगला खाली करना कोई राजनीति नहीं, कानून है। राबड़ी देवी के नाम 39 No. सेंट्रल पूल मकान आवंटित है, फिर भी 10 सर्कुलर रोड वाला मकान खाली नहीं करना सरकारी संसाधनों का खुला दुरुपयोग है।
लालू-राबड़ी के पास संपत्ति की कमी नहीं
नीरज कुमार ने पूछा है कि लालू परिवार को इस मकान से कौन सी माया है जो खाली नहीं कर रहे हैं। भवन निर्माण विभाग ने उन्हें सक्षम नोटिस दिया है उसका पालन होना चाहिए। यह बंगला खाली करके वे नए सरकारी आवास अपने मकान में रह सकते हैं। राबड़ी देवी और लालू यादव के पास संपत्तियों की कमी नहीं है। कौटिल्य नगर या महुआ बाग में रहिए,लेकिन सरकारी बंगले पर कब्ज़ा छोड़िए। ध्यान रहे कि खाली करते वक्त सरकारी संपत्ति या साजो सामान का कोई नुकसान नहीं हो।
बीजेपी ने उठाया था सवाल
बुधवार को बीजेपी के नीरज कुमार ने पूछा था कि राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस मिले एक महीना हो गया, फिर भी वे क्यों नहीं मान रही हैं? क्या लालू परिवार खुद को कानून से ऊपर समझता है? क्या जनता की संपत्ति पर कब्जा जमाए रखना लालू परिवार चाहता है ? जब बिहार की NDA सरकार ने वैकल्पिक आवास भी दे दिया, तो राबड़ी देवी की जिद क्या दर्शाती है ? लगता है कि जनता के पैसे पर ,जनता के टैक्स के पैसे पर ऐश करने की आदत लालू परिवार डाल चुका है।




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