गर्मी तेज पड़ेगी, बारिश कम होगी; बिहार में मौसम और मॉनसून पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता
बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में मौसम सेवा केंद्र की ओर से बताया गया कि आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की आशंका है। साथ ही इस साल मॉनसून शुरुआती दौर में बहुत कमजोर रहने वाला है।
Bihar Weather Monsoon 2026: बिहार इस साल भीषण गर्मी पड़ने की आशंका है। वहीं, इस बार मॉनसून का स्वरूप भी बिगड़ा हुआ नजर आएगा। मौसम विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि साल 2026 के मॉनसून सीजन में शुरुआती दौर में बारिश सामान्य से कम होगी। मध्य और पश्चिमी बिहार के जिलों में इसका असर व्यापक रूप से पड़ सकता है। इस संभावित स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है।
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आगामी मॉनसून सीजन और मौजूदा हीटवेव (लू) की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक सोमवार को पटना में आयोजित की गई। इसमें योजना एवं विकास विभाग के अंतर्गत आने वाले 'बिहार मौसम सेवा केंद्र' की ओर से साल 2026 के मॉनसून पूर्वानुमान और तापमान की प्रवृत्तियों पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
समीक्षा के दौरान मौसम सेवा केंद्र ने बताया कि बीते 1 मार्च से आज यानी 27 अप्रैल 2026 के बीच राज्य के विभिन्न अंचलों में तापमान में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। हाल के दिनों में दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-मध्य जोन में तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में पारा उच्च स्तर पर रिकॉर्ड किया जा रहा है। यह चिंता का विषय है।
आगामी दिनों में तापमान और बढ़ेगा
मौसम सेवा केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी कुछ दिनों के भीतर 27 अप्रैल से 5 मई 2026 तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे गर्मी और तेज होगी और अधिकांश जिलों में हीटवेव की स्थिति बन सकती है। बैठक में कहा गया कि राज्य के विभिन्न अंचलों में दैनिक तापमान की गहन निगरानी की जा रही है।
इस बार बारिश कम, सताएगा मॉनसून!
बैठक में 'दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2026' को लेकर चिंताजनक आंकड़े साझा किए गए। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुमान के अनुसार, इस साल जून और जुलाई के महीनों में 'सामान्य से कम' बारिश होने की संभावना है। मॉनसून के उत्तरार्ध में स्थिति थोड़ी सुधर सकती है। हालांकि, शुरुआती महीनों में बारिश की कमी कृषि और जल संचयन के लिए चुनौती बन सकती है।
सूखे की आशंका बढ़ सकती है
विशेषज्ञों ने बताया है कि उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों को छोड़कर राज्य के मध्य और पश्चिमी भागों में बारिश की भारी कमी देखी जा सकती है। इससे भूजल स्तर में कमी, पेयजल संकट, सिंचाई व्यवस्था चरमराने और सूखा की आशंका (खासकर दक्षिण बिहार के जिलों में) बढ़ सकती है।




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